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जिला जेल का संयुक्त निरीक्षण: बैरक से रसोई और स्वास्थ्य केंद्र तक जांच; बंदियों की समस्याएं सुनीं

Thu, 24 Sep 2026 12:50 PM IST
कोरबा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

सार

जिला जेल का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीता यादव की अध्यक्षता में संयुक्त निरीक्षण किया गया। बैरक, रसोईघर, भोजनालय, स्वास्थ्य केंद्र और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया। बंदियों को उनके विधिक अधिकार और निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी गई।
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जिला जेल का प्रधान जिला न्यायाधीश और कलेक्टर ने किया निरीक्षण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष नीता यादव की अध्यक्षता में जिला जेल कोरबा का संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कुणाल दुदावत, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयूरा गुप्ता समेत प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों ने जेल की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
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संयुक्त निरीक्षण दल ने जेल परिसर के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया। इस दौरान बंदियों के बैरक, रसोईघर, स्वास्थ्य केंद्र, भोजनालय और स्वच्छता व्यवस्था की स्थिति देखी गई।

स्वच्छ वातावरण और पौष्टिक भोजन पर जोर
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीता यादव ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि बंदियों के लिए स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने व्यवस्थाओं में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
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कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सहायक जेल अधीक्षक से बंदियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं, खाद्य सामग्री, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए।

भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच
निरीक्षण दल ने जेल के भोजनालय में बंदियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध दवाइयों और चिकित्सा सेवाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जेल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था और बंदियों को मिल रही सुविधाओं की स्थिति का भी अवलोकन किया।

बंदियों से सीधे संवाद, विधिक अधिकारों की दी जानकारी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कई बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। बंदियों को उनके विधिक अधिकार, जमानत की प्रक्रिया और निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी गई।

पात्र बंदियों को आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि जेल में निरुद्ध प्रत्येक व्यक्ति को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी हो और जरूरत पड़ने पर उसे उचित विधिक सहायता मिल सके।

अधिकारी और जेल स्टाफ रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान प्रतिधारक अधिवक्ता शिल्पा दांडेकर, दीपेश भारती, एसडीओ राकेश डांडी, डीटीआईसी चंचल श्रीवास्तव, डीपीएस कंवर, सहायक जेल अधीक्षक अमितेश साहू सहित जेल का स्टाफ मौजूद रहा।
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