हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने लगाया जाम।
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छत्तीसगढ़ के कोरबा में बुधवार सुबह तेज रफ्तार ट्रैक्टर से कुचलकर दादा-पोते की मौत हो गई। दोनों मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। हादसा देख लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कोरबा-चांपा मार्ग पर जाम लगा दिया। इसके चलते दोनों ओर से वाहनों की लंबी लाइन लग गई। करीब 10 घंटे तक जाम चलता रहा। इसके बाद प्रशासनिक अफसरों ने एक लाख मुआवजा देने के साथ ही मार्ग पर भारी वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध के साथ ब्रेकर बनाने का आश्वासन देकर चक्काजाम को समाप्त करवाया। मामला कोतवाली क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, सीतामणी निवासी विष्णुदेव ताती (55) अपने तीन साल के पोते चिराग ताती को लेकर सुबह मॉर्निंक वॉक पर निकले थे। अभी वे राम मंदिर के पास पहुंचे थे कि तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसा होते देख लोगों ने परिजनों और डायल-112 को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजन दोनों को लेकर पास के प्राइवेट अस्पताल पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर देख उन्हें दूसरी जगह ले जाने को कहा गया। इस पर परिजन दोनों को जिला अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने चिराग को मृत घोषित कर दिया। जबकि दादा विष्णुदेव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
सड़क दुर्घटना में दादा पोते की मौत का मामला पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले लिया था। पक्ष और विपक्ष के नेता मौके पर इकट्ठे होकर लोगों के हितों को लेकर पुलिस प्रशासन से बात करते नजर आए। निगम के नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन करते हुए कोरबा-चांपा मार्ग को चक्काजाम कर दिया था जिससे मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। लोगों के विराध को देखते हुए महापौर राजकिशोर प्रसाद भी मौके पर पहुंचे हुए थे। प्रदर्शन से मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
लोगों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। लोगों को शांत कराने का प्रयास किया जा रहा था। इसके बाद भी लोग बिना मांगें पूरी हुए हटने को तैयार नहीं थे। हादसे के बाद कोरबा चांपा मुख्य मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई है। काफी जद्दोजद के बाद लोगों को वहां से हटाया गया। इसके बाद जाम में फंसे वाहन आगे जा सके। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर मिट्टी लोड कर जा रहा था।