एसईसीएल की दीपका कोल परियोजना में निजी कंपनी के मशीनों की सुरक्षा में लगे निजी सुरक्षाकर्मी के मौत के बाद सुरक्षा कंपनी ने जब मुआवजा सहित उपचार का खर्चा नहीं दिया तो उर्जाधानी भू-विस्थापित संगठन ने परिजनों के साथ मिलकर एनटीपीसी जाने वाली साईलो के कोल परिवहन को ठप्प कर दिया।
एसईसीएल की दीपका कोल परियोजना में निजी कंपनी के मशीनों की सुरक्षा में लगे निजी सुरक्षाकर्मी के मौत के बाद सुरक्षा कंपनी ने जब मुआवजा सहित उपचार का खर्चा नहीं दिया तो उर्जाधानी भू-विस्थापित संगठन ने परिजनों के साथ मिलकर एनटीपीसी जाने वाली साईलो के कोल परिवहन को ठप्प कर दिया। तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद कंपनी ने मांगों को मानने का अश्वासन दिया तब जाकर प्रदर्शन समाप्त हुआ। बता दें कि एसईसीएल की दीपका कोल परियोजना में नियोजित कलिंगा ठेका कंपनी की सुरक्षा में तैनात एक निजी सुरक्षाकर्मी की पिछले दिनों में अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
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जानकारी के मुताबिक, ड्युटी के दौरान जांजगीर जिले के ग्राम कुकदा निवासी सुरक्षाकर्मी लकेश्वर टंडन की तबियत अचानक खराब हुई। जिसके कंपनी के कर्ता धर्ता उसे लेकर गेवरा के एनसीएच अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सों ने अपने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद कोरबा के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पताल में भी उसका उपचार संभव नहीं हो सका। अंत में उसे बिलासपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई। सुरक्षाकर्मी की मौत के बाद उसके परिजन मुआवजा के लिए ठेका कंपनी के पास पहुंचे लेकिन उन्होंने किसी भी तरह की मदद करने से साफ मना कर दिया।