शिक्षा सत्र शुरू होते ही अंदरूनी गांवों में शिक्षा की समस्या उजागर होने लगी है। इसी को लेकर कोयलीबेड़ा ब्लॉक के छोटेबेठिया में स्कूली बच्चे और ग्रामीणों ने बेचाघाट से छोटेबेठिया तक रैली निकाल प्रदर्शन किया।
शिक्षा सत्र शुरू होते ही अंदरूनी गांवों में शिक्षा की समस्या उजागर होने लगी है। इसी को लेकर कोयलीबेड़ा ब्लॉक के छोटेबेठिया में स्कूली बच्चे और ग्रामीणों ने बेचाघाट से छोटेबेठिया तक रैली निकाल प्रदर्शन किया।
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रैली में जिले के छोटेबेठिया इलाके और नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक के ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने बताया कि 26 जून से शिक्षा सत्र की शुरुआत हुई है, लेकिन अब तक कई स्कूलों का गेट भी नहीं खुला है। शिक्षक नहीं आने के चलते बच्चों का पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे वे मुख्यधारा से भटक सकते हैं।
ग्राम पंचायत कोंगे के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सभी स्कूलों के शिक्षक स्कूल नहीं आ रहे हैं। कई बार सरपंच, सचिव, संकुल समन्वयक और बीईओ को जानकारी देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। वहीं, स्कूल भवन भी जर्जर स्थिति में हैं। हालत यह है कि गांव के गोटूल में ही स्कूल संचालित किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा ओरछा ब्लॉक के बिनागुंडा, कोंगे और कोयली बेड़ा ब्लॉक के बंगोघोड़िया स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए नए सत्र में अब तक शिक्षक उपस्थित नहीं हुए हैं। अव्यवस्था के लिए विभाग पूरी तरह से जिम्मेदार है।