सीएम ने किया था इस योजना का शुभारंभ
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर आधारित स्थानीय स्तर पर वहां के लोगों और समूहों के लिए रोजगार के साधन उपलब्ध कराते हुए महात्मा गांधी ग्रामीण आद्यौगिक पार्क रीपा योजना संचालित की जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस योजना को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्म दिवस के दिन दो अक्टूबर को पूरे प्रदेश में शुभारंभ किया था।
कबीरधाम जिले के चार विकासखण्डों में आठ अलग-अलग ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क संचालित हो रही हैं, जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं स्थानीय मांग के अनुरूप 47 अलग-अलग गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
रीपा केंद्र ने दी हमें नई पहचान
महिला समूह की सचिव चंद्रिका देवांगन चर्चा करते हुए बताती हैं कि रीपा केंद्र में हमने अपना नमकीन निर्माण का व्यवसाय शुरू किया है। समय-समय पर खाद्य सामग्रियों की मांग के अनुसार, हम इसका विक्रय कर रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समूह के सभी सदस्यों ने आपस में तय किया कि आसपास के ग्राम पंचायतों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से संपर्क कर बूंदी और नमकीन के आपूर्ति का काम लिया जाए।
देखते ही देखते हम लोगों को 35 क्विंटल बूंदी और 2 क्विंटल नमकीन बनाने का ऑर्डर मिल गया। लगातार 5 से 6 दिन मेहनत करके हम समूह के सदस्यों ने खाद्य सामग्री तैयार कर संबंधित प्रतिष्ठानों को उपलब्ध करा दिया। 120 रुपए प्रति किलो की दर से बूंदी और 180 रुपए प्रति किलो की दर से सेव और मिक्सचर विक्रय किया गया। हम सभी समूह की महिलाएं बहुत खुश हैं कि पहले ही प्रयास में इतना बड़ा ऑर्डर हमको मिला और हमने इसे समय में पूरा करके अच्छा लाभ कमाया है।
कलेक्टर बोले- मांग आधारित व्यवसाय से हो रहा बेहतर लाभ
कलेक्टर जनमेजय महोबे ने कहा कि महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में समूह को नमकीन और चिप्स बनाने के लिए चयन किया गया है, क्योंकि समूह पहले छोटा-छोटा ऑर्डर लेकर कार्य करते थे और उनके कार्य क्षमता को देखते हुए इन्हें रीपा में कार्य संचालन का अवसर मिला जनमेजय महोबे ने आगे बताया की आज समूह की दीदीयों ने अपने कार्य कुशलता और बेहतर संचालन से स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व में लगने वाले खाद्य सामग्रियों का निर्माण कर लाखों रुपये का व्यवसाय किया है, जो समहू की महिलाओं को सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करता है।