पानी लेने के लिए झरिया के पास भीड़ लगाए ग्रामीण।
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छत्तीसगढ़ के कई इलाके गर्मी आते ही एक बार फिर प्यास की चपेट में हैं। ऊपर तस्वीर में दिख रही भीड़ इसी पानी के लिए है। खेत में बने गड्ढे (झरिया) से लोग पानी लेने के लिए मजबूर हैं। एक युवक उसी गड्ढे के अंदर घुसकर पानी निकाल कर लोगों को दे रहा है। यह इलाका कांकेर जिले का शामतरा नयापारा गांव है। इस गांव में नल भी है और हैंडपंप भी। लेकिन नल से जल आता नहीं है और हैंडपंप गर्मी आते ही लाल पानी (आयरनयुक्त पानी) उगलने लगते हैं। खास बात यह है कि गांव से महज पांच किमी दूर डैम हैं, जहां लोग वॉटर स्पोर्टस का मजा लेने के लिए आते हैं।
जिले की नरहरपुर तहसील में ग्राम शामतरा नयापारा आता है। यहां करीब 150 लोगों की आबादी है। यहां नल जल योजना अंतर्गत पाइप लाइन बिछाई गई है, लेकिन वो महज शोपीस है। लोगों ने अपनी शिकायत सरपंच से भी की, पर जवाब कुछ नहीं मिला। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी बस्ती में 40 से 50 परिवार के लोग सालों से रह रहे हैं। बस्ती में दो हैंडपंप लगाए गए हैं, लेकिन गर्मी के दिन शुरू होते ही लाल पानी उगल रहा है। पहले तो लोग किसी तरह हैंडपंप के पानी से ही अपनी प्यास बुझा रहे थे, लेकिन उसके बदलते रंग ने उनको इससे दूर कर दिया है।
जलाशय के नीचे बस्ती में पानी की किल्लत
कई एकड़ में दुधावा बांध बनाया गया है। इस समय वहां पर लबालब पानी भरा हुआ है। गर्मी के दिनों में वहां पर दूर दूर से मोटर वोट का मजा लेने के लिए सैलानी पहुंच रहे हैं। इस जलाशय के ठीक नीचे करीब पांच किमी दूर ग्राम शामतरा है। जहां ग्रामीणों को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। अपना गला तर करने के लिए झरिया का पानी का उपयोग कर रहे हैं। गांव-गांव तक पानी उपलब्ध कराने के लिए नल जल योजना बनाया गया है लेकिन वह भी फेल हो गई है। ग्रामीण जहां इससे परेशान है, वहीं सरकार और प्रशासन के प्रति उनकी नाराजगी भी है।