जगदलपुर के करपावंड थाना क्षेत्र के ग्राम पाथरी के जंगल मे एक माँ ने अपने नवजात बच्चें को मरने के लिए जंगल मे छोड़ फरार हो गई, घटना की जानकारी लगने के बाद पुलिस ने बच्चे को बेहतर उपचार के लिए मेकाज में भर्ती किया गया है।
जगदलपुर के करपावंड थाना क्षेत्र के ग्राम पाथरी के जंगल मे एक माँ ने अपने नवजात बच्चें को मरने के लिए जंगल मे छोड़ फरार हो गई, घटना की जानकारी लगने के बाद पुलिस ने बच्चे को बेहतर उपचार के लिए मेकाज में भर्ती किया गया है।
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मामले की जानकारी देते हुए करपावंड थाना प्रभारी ने बताया कि ग्राम के पाथरी जंगल मे एक बच्चा लकड़ी बिनने के लिए गया हुआ था, जहाँ जंगल मे लकड़ी बिनने के दौरान झाड़ियों के बीच मे एक बच्चा दिखाई दिया, जिसके बाद बच्चे ने इस मामले की जानकारी गाँव के लोगो को दी, गाँव वाले तत्काल जंगल पहुँचे, जहाँ बच्चे को उठाने के साथ ही इस मामले की सूचना करपावंड पुलिस को दिया गया, चुकी बच्चे को केयर की जरूरत होने के कारण मितानिन को बुलाया गया, जहाँ बच्चे को बेहतर उपचार के लिए बकावंड अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बेहतर उपचार के लिए मेकाज में शिफ्ट किया गया है।
इस घटना के बाद पुलिस बच्चे के माँ की तलाश कर रही है, वही आसपास के गाँव वालों से इस मामले को लेकर पतासाजी कर रहे है, लेकिन अब तक महिला के बारे में कोई भी जानकारी नही मिल पा रही है, वही मितानिन के साथ ही गाँव मे मुखबिर भी लगाया गया है, जिससे कि महिला का पता चल सके कि आखिरकार किसने बच्चे को झाड़ियों में फेंका है।
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बता दें कि कुछ दिन पहले इसी तरह मेकाज के सामने बने डिमरापाल आश्रम के पास किसी महिला ने एक नवजात को जंगल मे फेक दिया था, जिसे उपचार के लिए लाया गया था, 2 दिन तक चले उपचार के बाद आखिरकार बच्चे ने दम तोड़ दिया था।