बलिदानी रमेश सोढ़ी की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब
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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक भावुक कर देने वाली खबर 3 दिसंबर को आई। जहां नक्सलियों के साथ हुए मुठभेड़ में डीआरजी के तीन जवान शहीद हुए। सलामी के बाद शहीद जवानों के पार्थिव देह को उनके गृहग्राम भेजा गया। जैसे ही शहीद रमेश सोढ़ी का पार्थिव देह उसके गृहग्राम पहुंचा, हर कोई रो पड़ा। उनके अंतिम संस्कार में पूरा गांव शामिल हो हुआ। जहां गांव के छोटे, बड़े से लेक्ट बुजुर्ग पुरुष से लेकर महिलाओं ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी।
उसूर ब्लॉक के आवापाली थाना क्षेत्र से लगे घने जंगलों के बीच बसे ग्राम पुन्नूर में बलिदानी रमेश सोढ़ी को हजारों की भीड़ ने श्रद्धांजलि दी। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था और साथियों की आंखें भी नम थीं। जानकारी के अनुसार रमेश सोढ़ी 2024 में डीआरजी में भर्ती हुए थे और गुप्त सैन्य दल में शामिल थे।
खास बात यह कि रमेश कभी नक्सली संगठन से जुड़े रहे थे, 2014 में आत्मसमर्पण के बाद उन्होंने मुख्यधारा को चुना और 2018 में अपने गांव में पहली बार तिरंगा फहराया था, उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी और चार बच्चे हैं, परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो चली है। गांव वाले बताते हैं कि देशप्रेम और कुछ कर गुजरने की चाह में रमेश ने पुलिस की राह चुनी थी। आज उनकी पार्थिव देह को देख पूरा गांव रो पड़ा। वहीं, शहीद जवान रमेश सोढ़ी की वीरता और त्याग को सदैव याद रखा जाएगा।