कांकेर जिले के लखनपुरी की महेश्वरी सिंह ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में शीर्ष दस में आठवां स्थान प्राप्त कर अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है। उसके पिता छबि मजदूरी करते हैं और मां अनिता शादियों में खाना बनाती हैं, जो तीन बच्चों की पढ़ाई के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं।
कांकेर जिले के लखनपुरी की महेश्वरी ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उसने टॉप 10 में आठवां स्थान प्राप्त कर अपने माता-पिता और जिले का नाम रोशन किया। उसके पिता बोरा उठाने का काम करते हैं और मां शादियों में खाना बनाती हैं।
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महेश्वरी की पढ़ाई के प्रति लगन और जज्बे को देखते हुए स्कूल ने उसकी बोर्ड परीक्षा की फीस भरी थी। परिणाम आने पर स्कूल के शिक्षक और सहपाठी खुशी से झूम उठे। महेश्वरी अपने माता-पिता, छबि और अनिता, तथा दो भाइयों के साथ खपरैल के मकान में रहती है। बड़ा भाई 11वीं और छोटा भाई 8वीं में पढ़ रहा है। माता-पिता तीनों बच्चों की पढ़ाई और जरूरतों के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं।
महेश्वरी की पढ़ाई शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल लखनपुरी में चल रही है। प्रिंसिपल और शिक्षकों ने उसके जुनून को देखकर हमेशा उसका मनोबल बढ़ाया। फीस भरने के लिए पैसे न होने पर प्रिंसिपल बसंत सिंह दीवान और अन्य शिक्षकों ने संस्था के माध्यम से मदद की। परिणाम आने पर स्कूल के प्राचार्य और शिक्षकों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए।
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महेश्वरी की सफलता में शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उसके घर के बगल में रहने वाली शिक्षिका सरिता निर्मलकर ने उसे विशेष रूप से तराशा। महेश्वरी का आधा से ज्यादा समय सरिता के घर में ही गुजरता था। वह पढ़ाई से जुड़ी किसी भी शंका के लिए अपने स्कूल के हर शिक्षक के पास जाती थी। इस लगन और शिक्षकों की मेहनत के कारण ही महेश्वरी ने आठवां स्थान हासिल किया।
महेश्वरी का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। उसके पिता मजदूरी करके बोरा उठाने का काम करते हैं। मां तीन बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए शादी पार्टियों में खाना बनाती हैं। छोटे से घर में रहकर भी तीनों भाई-बहन पढ़ाई पर पूरा ध्यान देते हैं। इन चुनौतियों के बावजूद महेश्वरी ने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया।