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छत्तीसगढ़ में हादसा, सात छात्रों की मौत: स्कूल से बच्चों को लेकर लौट रहे ऑटो को ट्रक ने मारी टक्कर, दो गंभीर

Thu, 09 Feb 2023 04:55 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कांकेर

सार

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए। घटना स्थल पर ही चार बच्चों की मौत हो गई। वहीं 7 बच्चे घायल हो गए। इस घटना में ऑटो ड्राइवर भी गंभीर है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
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ट्रक की टक्कर से ऑटो के परखच्चे उड़ गए। - फोटो : संवाद
छत्तीसगढ़ के कांकेर में गुरुवार दोपहर सड़क हादसे में सात स्कूली बच्चों की मौत हो गई। सभी बच्चे एक ऑटो से स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ट्रक ने ऑटो को टक्कर मार दी। हादसे में एक बच्चा और ऑटो चालक घायल हैं। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायल बच्चों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उन्हें कांकेर रेफर कर दिया गया है। हादसा कोरर थाना क्षेत्र में हुआ है।
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घायल बच्चों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया है। - फोटो : संवाद
जानकारी के मुताबिक, स्कूल की छुट्टी होने के बाद आठ बच्चे एक ऑटो में सवार होकर अपने घर लौट रहे थे। इस दौरान आयुष केंद्र, चिल्हटी चौक पर तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ऑटो के परखच्चे उड़ गए। हादसे में मौके पर ही चार बच्चों तुरुगहन निवासी रुद्रदेव (7) व रुद्राक्षी  (6), बनौली निवासी इंसान मंडावी (4) और आसरा निवासी मानव साहू (6) की मौत हो गई। जबकि ऑटो चालक सहित पांच बच्चे घायल हो गए।
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ट्रक की टक्कर से ऑटो सड़क से उछलकर नीेचे जा गिरा। - फोटो : संवाद
सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और घायल बच्चों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। हालांकि हालत गंभीर देख उन्हें कांकेर रेफर कर दिया गया। यहां भी उपचार के दौरान तीन बच्चो ने दम तोड़ दिया। इनमें निशांत (8) और पीयूष (8) भी शामिल हैं। दोनों चचेरे भाई थे। सभी बच्चे बीएसएनएन डिजिटल पब्लिक स्कूल के छात्र हैं। यह प्राइमरी क्लास में पढ़ते थे और सभी की उम्र चार से सात साल के बीच है। डॉक्टर अब चालक और एक अन्य बच्चे गौतम को रायपुर रेफर कर दिया है। दोनों की हालत गंभीर है। 

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ट्रक टक्कर के बाद अपने साथ आम का पेड़ तक उखाड़ ले गया। - फोटो : संवाद
आम के पेड़ को उखाड़ 50 मीटर घसीट ले गया ट्रक
बताया जा रहा है कि ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वो सड़क किनारे लगे आम के पेड़ तक को उखाड़कर साथ करीब 50 मीटर तक घसीट ले गया। इसके बाद सड़क किसाने नीचे उतरकर रुक गया। लोगों ने ट्रक चालक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है। बच्चों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर उन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा।
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गंभीर घायल बच्चों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। - फोटो : संवाद
मुख्यमंत्री ने बच्चों की मौत पर जताया दुख
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हादसे में बच्चों की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि, कांकेर जिला के कोरर चिलहटी चौक पर ऑटो और ट्रक की टक्कर से दुर्घटना में 5 स्कूली बच्चों की आकस्मिक मौत का समाचार बेहद दुखद है। 4 बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं, स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर मुमकिन मदद दी जा रही है। ईश्वर परिवारजनों को हिम्मत दे। प्रशासन को हर संभव मदद के निर्देश हैं।
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छात्रों की मौत पीड़ादायक, जिम्मेदार कौन: कौशिक
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर कोरर में सड़क हादसे से हुए छात्रों के मृत्यु पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं ने सबको विचलित कर रखा है , लेकिन हादसों पर अंकुश लगाने राज्य की कांग्रेस सरकार के पास अब तक कोई नीति नहीं है और न कोई तैयारी। भानुप्रतापपुर में सड़क दुर्घटना में स्कुली बच्चों की मौत हो गई। इस तरह की घटनाएं हर जिले में बढ़ते जा रही है, यातायात पुलिस का पता तो प्रदेश में पता ही नहीं। उन्होनें कहा कि इसके लिये सड़को की दुर्दशा व यातायात व्यवस्था का दुरूस्त नहीं होना ही मूल रूप से जिम्मेदार है।

'हादसों के लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार'
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि हादसों की एक ही वजह  नशे  की हालात में वाहन चलाना ही है जिसके लिये प्रदेश सरकार जिम्मेदार है। जगह-जगह नशे का सामान उपलब्ध है। कांग्रेस सरकार इस पर कार्यवाही के बजाए शराब के हर तरह के धंधे को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि हर जिले में हर अनुविभाग में एक यातायात पुलिस उप अधीक्षक की नियुक्ती हो साथ ही यातायात पुलिस की जिम्मेदारी और तय की जाए। जिससे की ऐसे हादसों रोका जा सके। कांग्रेस सरकार इस हादसे की जल्द से जल्द कार्यवाही करें एवं जिम्मेदार व्यक्तियों को सजा दिलाई जाए। घायल हुए बच्चों को तत्काल ही निःशुल्क स्वास्थ्य की व्यवस्था की जाए एवं मृतक के परिवारों को मुआवजा दी जाए।

 
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