फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुत्ते के हमले में 12 घायल: जगदलपुर में घर के बाहर खड़े लोगों पर किया हमला, ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार डाला

Mon, 30 Jan 2023 03:17 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर

सार

कुत्ते के काटने से लोग भड़क गए और घरों से डंडा व कुल्हाड़ी लेकर उसकी तलाश करने निकल पड़े। कुछ देर तलाश करने के बाद जैसे ही कुत्ता फिर से दिखाई दिया। ग्रामीणों ने उसे दौड़ा लिया और पीटकर मार डाला।
विज्ञापन
कुत्ते ने 12 से ज्यादा लोगों को काटा। (सांकेतिक फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में सोमवार सुबह एक पागल कुत्ते ने लोगों पर हमला कर दिया। घर के बाहर खड़े लोगों को काटने के बाद कुत्ते ने अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया। इसके चलते 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने कुत्ते का पीछा कर उसे पीट-पीटकर मार दिया। हमले में घायल ग्रामीणों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। जहां से कुछ लोगों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। 

विज्ञापन


धूप में बैठे बुजुर्गों को बनाया निशाना
तोकापाल ब्लाक के छापर भानपुरी में सोमवार सुबह कुछ बुजुर्ग धूप में बैठे हुए थे। इसी दौरान एक कुत्ता आया और 60 साल के बुजुर्ग माड़ा के ऊपर पीछे से हमला कर दिया। इसके बाद महिला सुबली (60) के पैर और हरिराम (60) के हाथ में काटकर भाग गया। इसके बाद घर में चाय पी रहे जगजीत को पैर में काटकर पास बैठी उसकी मां डोमनी पर हमला कर दिया। यह देखकर बेटे ने किसी तरह डंडे से कुत्ते को मारकर मां को बचाया। 

विज्ञापन


घरों से लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी लेकर निकले मारने
वहां से कुत्ता भागा तो उसने कुछ दूर खड़ी महिला हरबती को काट लिया। इनके अलावा गांव के अंदर ही बंधी गाय और एक बच्चे पर भी हमला कर दिया। कुत्ते के इस तरह काटने की जानकारी थोड़ी ही देर में गांव में फैल गई। इसके बाद लोग भड़क गए और घरों से डंडा व कुल्हाड़ी लेकर कुत्ते को तलाश करने निकल पड़े। कुछ देर तलाश करने के बाद जैसे ही कुत्ता फिर से दिखाई दिया ग्रामीणों ने उसे दौड़ा लिया और पीटकर मार डाला।
विज्ञापन


एंबुलेंस से घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल
इसके बाद ग्रामीणों ने 108 पर एंबुलेंस को सूचना दी। कुछ लोगों को एंबुलेंस से लोहड़ीगुड़ा के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जबकि कुछ घायल अपने वाहन से मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। जहां उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। गांव वालों का कहना था कि, अचानक हुए इस घटना के बाद छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है की अब छोटे बच्चों को इस तरह से नहीं छोड़ सकते हैं। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें