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पेसा के खिलाफ सड़क पर उतरे आदिवासी: कहा- नियमों का पालन नहीं, छत्तीसगढ़ में मूल कानून के विपरीत बनाया गया

Mon, 24 Apr 2023 05:35 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कांकेर

सार

युवा प्रभाग के अध्यक्ष योगेश नरेटी ने कहा, पेसा कानून के सम्मत पेसा नियम 2022 बनना था। शासन ने मूल पेसा कानून के विपरीत छत्तीसगढ़ पेसा नियम बनाया है। पेसा नियम की उन धाराओं में अब तक सुधार या संशोधन नहीं हुआ है। पेसा के नियम आए लगभग एक साल होने को हैं। उन्होंने कहा कि, जल्द ही पेसा नियम में पेसा सम्मत संसोधन किया जाना चाहिए। 
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कांकेर में पेसा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझाते पुलिसकर्मी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के कांकेर में सोमवार को आदिवासियों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आदिवासी क्षेत्र में पेसा कानून का पालन नहीं किया जा रहा है। सरकार ने मूल पेसा कानून का विपरीत छत्तीसगढ़ में बनाया गया है। इसमें काफी संशोधन की आवश्यकता है। आदिवासी क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण मामले में भी ग्राम सभा की सहमति और पर्यावरणीय आकलन का पालन नहीं किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने अन्य राज्यों की तरह जमीन को लेकर पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में कानून बनाए जाने की मांग की है।

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जिला मुख्यालय से सटे ग्राम माकड़ी में सर्व आदिवासी समाज की ओर से एक दिवसीय प्रदर्शन किया गया। इस दौरान आदिवासियों ने सड़क पर जाम लगा दिया। काफी देर तक प्रदर्शन चलता रहा। ग्रामीणों का कहना था कि पेसा नियम 2022 बनने के बाद तीन विधान सभा सत्र हुए। छत्तीसगढ़ के प्रवृत एक भी कानूनों में पेसा सम्मत बनाने का बात नहीं रखी गई। उन्होंने कहा कि, तत्काल ही सारे अधिनियम, नियमों में अपवाद और उपांतरण के तहत संशोधन किया जाना चाहिए। चेतावनी दी कि, आज एक दिवसीय प्रदर्शन था। आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा। 

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