पुलिस गिरफ्त में नक्सलियों के सामान सप्लायर आरोपी।
- फोटो : संवाद
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में पुलिस ने नक्सलियों के तीन सप्लायर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों से दो-दो हजार रुपये के नोट, बिना नंबर की बाइक सहित एक लाख आठ हजार रुपये व अन्य सामान बरामद हुआ है। आरोपी ये सारा सामान लेकर नक्सलियों को पहुंचाने के लिए जा रहे थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। मामला गीदम थाना क्षेत्र का है।
शहीदी सप्ताह के लिए मंगवाया था सामान
पुलिस को सूचना मिली थी कि, नक्सली 28 जुलाई से 3 अगस्त तक मनाए जाने वाले शहीदी सप्ताह के लिए सामान मंगवाया है। इसे लेकर 10 जून को सहयोगी नक्सली मल्लेश तक पहुंचाने वाले हैं। इस पर पुलिस ने गीदम-बीजापुर नेशनल हाईवे स्थित बीआरओ. चौक कारली के पास चेकिंग शुरू की। तभी गीदम तरफ से एक काले रंग की बिना नम्बर की बाइक पर तीन लोग सफेद बोरे में सामान लेकर बीजापुर की ओर जा रहे थे।
नक्सलियों का लिखा पत्र भी बरामद
पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो बाइक सवार तेजी से भागने लगे। पुलिस ने उन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ करने पर तीनों व्यने अपने नाम गीदम निवासी विकेष उर्फ विक्की गोयल, भैरमगढ़ निवासी बलराम तामों और बिहार हाल पता भैरमगढ़ निवासी सुमित दीक्षित उर्फ छोटू बताया। पुलिस ने उनके पास बोरी की तलाशी ली तो उसमें से नक्सल सामग्री बरामद हुई। वहीं विक्की गोयल के पास नक्सलियों का भेजा पत्र मिला। जिसमें सामान खरीदने के लिए दो लाख रुपये भेजने सहित अन्य बातें लिखी थीं।
दो-दो हजार के नोट में एक लाख रुपये बरामद
पत्र में लपेटे हुए 2000-2000 रूपये के 50 नोट और शेष चिल्हर कुल एक लाख आठ सौ साठ रुपये मिले। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि, नक्सली मल्लेश ने 2000-2000 रूपये के 100 नोट देकर नई बाइक और सामान मंगाया गया था। उसमें से 94500 रूपये से जय-विजय आटोमोबाइल्स शो-रूम दन्तेवाड़ा से बाइक और 4640 रूपये से आवश्यक सामान खरीदकर मल्लेश के पास पहुंचाने के लिए ले जाना बताया। बाकी पैसा एक लाख आठ सौ साठ रूपये को विक्की गोयल द्वारा अपने पास रखना बताया।