छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बुधवार दोपहर हुए नक्सली हमले की जिम्मेदारी नक्सलियों की दरभा डिवीजन कमेटी ने ली है। वारदात को संगठन के PLGA (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) ने अंजाम दिया था। इसे लेकर दरभा डिविज़न के सचिव साइनाथ ने प्रेस नोट जारी किया है। इसमें कहा है कि अरनपुर हमला सरकारों की ओर से उनके ऊपर की जा रही कार्रवाई का जवाब है। वहीं दूसरी ओर डीजीपी अशोक जुनेजा समेत सीआरपीएफ के आला अफसर अरनपुर पहुंचे और घटनास्थल का दौरा किया।
यह भी पढ़ें...Chhattisgarh Attack Live Video: विस्फोट, धुआं, धूल और फायरिंग; काफिले में पीछे चल रहे जवान ने बनाया वीडियो
बस्तर को सैनिक छावनी में बदला गया
नक्सलियों की ओर से जारी प्रेसनोट में कहा गया है कि जनता पर किए जा रहे हमले के विरोध में यह जवाबी कार्रवाई की गई है। यह भी कहा है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले हमारे उन्मूलन की बात कही थी। इसी योजना के तहत हमारे खिलाफ युद्ध चला रहे हैं। इसके तहत अलग-अलग किस्म के सैनिक, अर्द्धसैनिक, कमांडोज को उतारकर बस्तर को सैनिक छावनी के रूप में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस भर्ती के लिए भी इसी के कारण मापदंडों को बदल दिया है।
यह भी पढ़ें... Chhattisgarh: सीएम बघेल ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, कहा- बेकार नहीं जाएगी शहादत
विस्फोट की जगह का अफसरों ने किया मुआयना
दंतेवाड़ा में शहीद जवानों को गुरुवार सुबह श्रद्धांजलि देने के बाद डीजीपी अशोक जुनेजा समेत अन्य अफसर सीधे घटना स्थल अरनपुर पहुंचे। करीब 24 घंटे बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने विस्फोट की जगह का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, बस्तर आईजी सुंदरराज पी., डीआईजी दंतेवाड़ा कमलोचन कश्यप, दंतेवाड़ा एसपी सिद्धार्थ तिवारी समेत सीआरपीएफ के अधिकारी भी मौजूद थे।
यह भी पढ़ें...Chhattisgarh: दंतेवाड़ा में नक्सली हमला, IED ब्लास्ट में 3 हेड कांस्टेबल सहित 10 जवान शहीद, नागरिक की भी मौत
लौट रहे जवानों की गाड़ी ब्लास्ट से उड़ाई
माओवादी कैडर की मौजूदगी की सूचना पर दंतेवाड़ा से डीआरजी जवानों को रवाना किया गया था। इसके बाद सभी जवान बुधवार दोपहर वहां से लौट रहे थे। इसी दौरान घात लगाए नक्सलियों ने अरनपुर मार्ग पर पालनार में ब्लास्ट कर दिया। बताया जा रहा है कि जवान एक प्राइवेट वाहन से निकले थे।आईईडी ब्लास्ट की चपेट में जवानों का वाहन भी गया। इसमें 10 जवान शहीद हो गए और एक नागरिक की भी मौत हो गई।
यह भी पढ़ें...Chhattisgarh Naxalite: चार महीने जवानों पर पड़ते हैं भारी, 10 साल में 250 से ज्यादा शहादत; जानिए क्या है TCOC
ये जवान हुए शहीद
हेड कॉन्सटेबल जोगा सोढी, मुन्ना राम कड़ती, संतोष तामो, नव आरक्षक दुल्गो मण्डावी, लखमू मरकाम, जोगा कवासी, हरिराम मण्डावी, गोपनीय सैनिक राजू राम करटम, जयराम पोड़ियाम और जगदीश कवासी शहीद हुए हैं। इनके साथ ही प्राइवेट वाहन के चालक धनीराम यादव की भी मौत हो गई है।