रेल आंदोलन समिति की बैठक में मौजूद लोग।
- फोटो : संवाद
छत्तीसगढ़ में रेलवे लाइन के विस्तार की मांग को लेकर नौ मई को बस्तर बंद बुलाया गया है। इस बंद को चैंबर ऑफ कॉर्मस ने भी अपना समर्थन दिया है। लोगों की मांग है कि अंतागढ़-जगदलपुर रेलवे लाइन का काम शुरू किया जाए। इसे लेकर वे लंबे समय से मांग कर रहे हैं। इसके लिए रेल मंत्रालय और केंद्र सरकार को आठ मई तक का समय दिया गया है। अगर ठोस आश्वासन नहीं मिलता या घोषणा नहीं होती तो बंद का आयोजन किया जाएगा। इसे लेकर रविवार को हुई बैठक में निर्णय लिया गया है।
रेल आंदोलन समिति की बैठक में समाज और संगठन प्रमुखों पहुंचे हुए थे। बंद को सफल बनाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसमें जोड़ने के लिए व्यापक प्रयास किए जाने की रूपरेखा तैयार की गई है। सभी लोगों ने हर संघ, समाज और संगठन से निवेदन किया है कि वे बैठक आयोजित कर आंदोलन में प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करें। साथ ही हाट बाजारों में भी रेल सुविधाओं के विस्तार और बस्तर के प्रति रेल मंत्रालय के रूखेपन, बंद से जुड़े मुद्दे को विस्तार से प्रसारित कर आम लोगों जागरूक किया जाएगा।
रेल आंदोलन समिति पिछले दो सालों से दलीराजहरा-जगदलपुर रेल लाइन शुरू करवाने को लेकर आंदोलन कर रही है। बैठक में कहा गया कि, अन्तागढ़ से जगदलपुर तक पैदल यात्रा भी रेल मंत्रालय का ध्यान आकर्षित करने कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई पहल केंद्र सरकार की तरफ से होती हुई दिखाई नहीं दी। इसके कारण महाबंद का निर्णय लिया गया है। अगर इस बंद के बाद भी कोई पहलनहीं हुई तो रेल रोको आंदोलन जैसा निर्णय भी लेने के लिए यहां की जनता और समाज, संगठन बाध्य होंगे।