रायपुर के अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां गुरूवार को 5 मरीजों की मोतियाबिंद की सर्जरी की गई। अगले ही दिन शुक्रवार को मरीजों की आंखें लाल हो गईं जिसके बाद दोबारा ऑपरेशन किया गया। लेकिन दोबारा सर्जरी करने के बाद मामला और भी ज्यादा बिगड़ गया। यह ऑपरेशन नेत्र रोग विभाग की डॉक्टर लिपी चक्रवर्ती ने गुरूवार सुबह 11 बजे किए थे।
जानकारी के अनुसार रामकृष्ण सोनी, कुशाल सिंह, मानवेंद्र बनवाल, तिलक कोठारे और योगेश पांडेय अपने मोतियाबिंद की सर्जरी के लिए गुरूवार को यहां भर्ती हुए थे। उनकी आंखों की स्थिति दूसरी बार ऑपरेशन करने के बाद शनिवार को और भी ज्यादा खराब हो गई। सभी मरीजों की आंखों में मवाद आने लगा जिसके बाद उन्हें एमजीएम अस्पताल में शिफ्ट किया गया।
बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के बाद शुक्रवार को जब मरीजों की आंखों की पट्टियां खोली गईं तो पता चला कि उनकी आंखें लाल थीं। दो बार ऑपरेशन करने के बाद भी अब
संक्रमण इतना फैल चुका है कि उनकी आंखें खराब होने तक का खतरा है। बावजूद इसके मरीजों की शनिवार सुबह 11 बजे अस्पताल से छुट्टी कर दी गई। इसके बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए कहा कि आंखें ठीक भी नहीं हुई हैं और अस्पताल वालों ने छुट्टी दे दी।