छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सलियों को बंदूक छोड़ने को प्रोत्साहित करने के लिए अनूठी पहल की है। दरअसल पुलिस ने बस्तर संभाग में नक्सलियों को साधने के लिए स्थानीय भाषा में गानों के एक एलबम का इस्तेमाल किया है। पुलिस को उम्मीद है कि जो काम बंदूक नहीं कर सकी, वह काम ये गाने करेंगे।
गानों में आदिवासियों की पीड़ा और मुख्यधारा में लौटने की अपील है
‘नव बिहान’ नई सुबह नाम के इस एलबम में पांच गाने हैं, जिन्हें कोंडागांव जिला पुलिस ने कंपोज किया है। क्षेत्रीय भाषा के इन गानों में अशांत क्षेत्र में रहने वाले आदिवासियों की पीड़ा को व्यक्त किया गया है। गानों के माध्यम से गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त लोगों को मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान किया गया है।
बस्तर रेंज के आईजी विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि संगीत और कला शांति बहाली में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। हम इन गानों के जरिये अतिवादियों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं, उनसे जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं और उन तक अपना संदेश पहुंचा रहे हैं, ताकि इन इलाकों में शांति स्थापित हो सके और विकास हो सके।