मां दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में सोमवार की सुबह स्वतंत्रता दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौड़ को पद्मश्री धरमपाल सैनी, संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने हरी झंडी दिखाकर कर प्रारंभ किया। दौड़ में जनप्रतिनिधी, कलेक्टर, सीईओ, जिला पंचायत सहित प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली बच्चे, एनसीसी, एसडीआरएफ के जवान और नागरिक शामिल हुए। दौड़ से पहले सभी अतिथियों ने शहीद स्मारक में पुष्प चक्र और पुष्प अर्पित कर नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि इस स्वतंत्रता दौड़ का आयोजन स्वतंत्रता सेनानियों, वीर शहीदों की कुर्बानी को सम्मान, स्मरण कर श्रद्धांजलि देने और देश प्रेम की भावना को जगाने के लिए किया जाता है। कलेक्टर विजय दयाराम के ने कहा कि 76वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वंतत्रता दौड़ का आयोजन किया गया। पिछले वर्ष 75वां स्वंतत्रता दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया था। हमारे पूर्वजों ने अपना खून बहाकर हमें गुलामी की जंजीरों से आजाद करवाया था। हर साल उन वीरों की कुर्बानी और देश के प्रति बलिदान को याद रखते हुए इस दिन की महानता व विशेषता को स्मरण करना साथ ही अगली पीढ़ी को बताना है।
इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि स्वंतत्रता दिवस के एक दिन पहले प्रतीकात्मक, सांकेतिक स्वरुप में अमृत महोत्सव में स्वतंत्रता दौड़ के आयोजन के लिए दौड़ में भाग लेने वाले सभी को बधाई और शुभकामनाएं। सद्भावना दौड़ सुबह 7.30 बजे दंतेश्वरी मंदिर परिसर से संजय मार्केट, हनुमान मंदिर, हाता ग्राउंड होते हुए गोल बाजार चैक से मंदीर प्रागंण में समाप्त हुई। स्वतंत्रता दौड़ के अवसर पर मतदाता जागरूकता के तहत मतदान के लिए प्रेरित किया गया।
स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर संभाग में रहेगी चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर संभाग के समस्त जिलों में त्रिस्तरीय सुरक्षा रहेगी। स्थानीय पुलिस बल, डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा और केंद्रीय अर्धसैनिक बालों द्वारा लगातार अंदरूनी एवं सीमावर्ती क्षेत्र में सर्च गश्त अभियान किया जा रहा है।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने समस्त बस्तरवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी। साथ ही बस्तर क्षेत्र की शांति, सुरक्षा एवं विकास के लिए अपना सर्वोच्चतम बलिदान देने वाले सुरक्षा बल सदस्यों एवं नागरिकों की शहादत को स्मरण किया गया। पुलिस महानिरीक्षक ने बीत वर्षों में जनसहयोग से नक्सल विरोध अभियान में किये गये निर्णायक बढ़त का उल्लेख करते हुए क्षेत्रवासियों को आस्वस्त किया गया कि आने वाले दिनों में बहुत ही जल्द बस्तर संभाग में वामपंथ उग्रवाद को समाप्त कर देंगे। बस्तर क्षेत्र को एक नई पहचान दिलाएंगे।