गौरेला जनपद पंचायत क्षेत्र में भीषण गर्मी के दौरान तालाब की मेड़ तोड़कर हजारो लीटर पानी बहाने का मामला सामने आया है। तालाब में स्टॉप डेम का निर्माण कराए जाने के लिए तालाब का पानी बर्बाद कर दिया गया वही मामले में इंजीनियर कुछ भी जानकारी देने से बचते नजर आए तो जनपद सीईओ ने जरूर तालाब तोड़कर इस गर्मी में पानी बहाने को गलत बतलाया है।
इस गंभीर मामले में जब हमने जनपद पंचायत सीईओ गौरेला संजय शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया जानकारी प्राप्त हुई है इस तरह पानी को व्यर्थ में बहाना उचित नहीं है ग्राम पंचायत को निर्देश दिए गए हैं तालाब को यथावत करने के लिए कहा गया है। नदियों एवं नालों पर स्टॉप डेम बनते तो देखा है और सुना भी है परंतु तालाब में स्टॉप डेम बनाना यह सुनने में कुछ अजीब सा लगता है आमतौर पर स्टॉप डैम का निर्माण जल संग्रहण के उद्देश्य किया जाता है परंतु तालाब में तो जल संग्रहण रहता ही है मगर इस मामले में तालाब के मेड को तोड़कर स्टॉप डेम बनाने की तैयारी हो रही थी ग्राम पंचायत से जानकारी मिलने पर जब हमने संबंधित इंजीनियर से बात करना चाही तो वे कुछ भी जानकारी देने से बचते नजर आए।
मामले में विशेष बात यह है की जहां स्टॉप डेम का निर्माण होना था उससे 500 मीटर की दूरी पर दो स्टॉप डेम पहले से ही मौजूद हैं जिनका गेट कभी बंद ही नहीं होता, आवश्यकता ना होने पर भी शासन के पैसे का दुरुपयोग यह कहां तक सही है।यह भी सोचने वाली बात है कि किस तरह नौकरसाह स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर शासकीय राशि का दुरुपयोग कर रहे है। बहरहाल देखने वाली बात होगी जहा पेंड्रा जनपद क्षेत्र के अमारू गाँव मे मछली पकड़ने के लिए तालाब का मेड तोड़कर तालाब खाली कर दिए तो अब स्टॉप डेम बनाने के लिए तालाब का मेड तोड़ दिया गया मामले पर जवाबदार किस प्रकार कार्यवाही करते है।