शिक्षकों पर हुई विभागीय कार्रवाई
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खबर का बड़ा असर हुआ है। जिसमें हमने दो दिन पहले खबर दिखाई थी। गौरेला ब्लॉक के ललाती संकुल के दर्जनभर स्कूलों में बच्चो की छुट्टी कर फेयरवेल पार्टी में शामिल होने के लिए स्कूल के शिक्षक स्टॉप के जाने का मामला सामने आया था।
मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीर बतलाते हुए जांच शुरू की और जांच के बाद ललाती संकुल के 18 लापरवाह शिक्षकों पर विभाग ने कार्यवाही करते हुए सभी शिक्षकों के एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया।
दरअसल, शासन स्कूल शिक्षा विभाग के लिए कई योजनाएं चला रहा है। हजारों करोड़ों रुपए का बजट हर साल आवंटित किया जाता है। लेकिन जिनके कंधों पर विद्यार्थियों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी है। वह इतने लापरवाह है कि छात्रों का भविष्य संवारने के अलावा दूसरे कामों में ज्यादा रुचि लेते हैं। जिसमें जिले के गौरेला विकासखंड में ललाती संकुल के दर्जनभर स्कूलों को शिक्षकों ने एक पार्टी में शामिल होने के लिए आधे टाइम में बंद कर दिया।
शिक्षकों ने छात्रों को बता दिया कि संकुल प्रभारी का स्थान्तरण किसी दूसरे स्कूल में हो गया है। जिसके चलते उन्हें विदाई पार्टी दी गई है। उसमें हमें जाना है। इसलिए आप सब घर जाइए। फिर मध्यान भोजन के अवकाश में एक नहीं बल्कि ललाती संकुल के लगभग एक दर्जन स्कूलों की छुट्टी कर दी। इस पूरे मामले को हमने प्रमुखता बताया था।
जिसके बाद पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। इसके बाद पूरे मामले को प्रशासन के संज्ञान में लाने के बाद प्रशासन के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी मामले पर जांच शुरू कर दी और मामले में जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर विकास खंड शिक्षा अधिकारी ने मामले में जांच शुरू की और उनकी जांच रिपोर्ट में 18 ऐसे शिक्षक चिन्हित किये गए, जो ड्यूटी के दौरान स्कूलों की छुट्टी कर पार्टी मनाने गए हुए थे। मामले में हमने सभी शिक्षकों के एक दिन का वेतन काटने के लिए कहा तो कलेक्टर ने अनुमोदन के बाद सभी दोषी शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी किया है।