छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वनमंडल क्षेत्र में जंगली हाथी के हमले से एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान रुमगा निवासी करीब 40 वर्षीय केमला प्रसाद के रूप में हुई है। घटना के बाद वन विभाग के डिप्टी रेंजर ने तत्परता दिखाते हुए अपने वाहन से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।
हाथी को करीब से देखने पहुंचा था ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, केमला प्रसाद जंगली हाथी को देखने के लिए उसके काफी करीब पहुंच गया था। इसी दौरान हाथी ने उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के डिप्टी रेंजर ने घायल ग्रामीण को अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है।
तीन-चार समूहों में बंटा 53 हाथियों का दल
वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, मरवाही वन परिक्षेत्र में पिछले करीब एक सप्ताह से 53 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। यह दल अब तीन से चार अलग-अलग समूहों में बंट गया है। वर्तमान में कुछ हाथियों की मौजूदगी मटियाडांड परिसर के कक्ष क्रमांक 2000 और 2002 तथा नाका परिसर के कक्ष क्रमांक 2003 में बताई गई है। वन विभाग का अमला हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है।
वन विभाग की ग्रामीणों से अपील
हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग के कर्मचारी और हाथी मित्र दल क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं। ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उनके आसपास भीड़ नहीं लगाने की समझाइश दी जा रही है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाथियों को घेरने, भगाने या उनके करीब जाने की कोशिश न करें। हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करें। जंगली हाथियों के नजदीक जाना जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए ग्रामीणों को सतर्क रहने और विभागीय निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।