Gariaband People Hungry crowd Video: छत्तीसगढ़ में तीन महीने (जून-जुलाई-अगस्त)का राशन एक साथ देने सरकार के निर्णय की वजह से आम लोगों की भारी परेशानी हो रही है। प्रदेश के कई जिलों में राशन दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक लाइन में लगकर तीन महीने का राशन ले रहे हैं। तकनीकी दिक्कतों की वजह से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में लोगों का धर्य भी अब जवाब दे रहा है। ऐसा ही नजारा देखने को मिला गरियाबंद जिले में। यहां तीन महीने का राशन एक साथ लेने के लिये बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही राशन दुकान केंद्र के बाहर खड़े थे। घंटों इंतजार के बाद जब केंद्र का मुख्य गेट नहीं खुला, तो लोगों का धैर्य जवाब दे गया। गुस्साई भीड़ ने गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की, जिससे वहां पर अफरा-तफरी मच गई। लोग बेकाबू हो गये। एक-दूसरे को धक्का देते हुए तेजी से दौड़कर अंदर घुसे। सोशल मीडिया पर इस वाकये का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
मामले में जांच के आदेश
सूचना पर स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। बेकाबू भीड़ का नियंत्रित किया, लेकिन तब तक कई लोग घायल हो चुके थे। हालांकि लोगों को मामूली चोटें लगी हैं। मामले में जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर व्यवस्था करने की बात कही गई है।
और धर्य दे गया जवाब ...
वीडियो में साफ-साफ दिख रहा है कि लोग राशन लेने के लिए गेट तोड़कर तेजी से राशन केंद्र की तरफ भाग रहे हैं। लोग चिल्लाते हुए अंदर घुस रहे हैं। भीड़ में महिलायें, युवतियां, युवा, अधेड़ और बुजुर्ग सभी शामिल हैं और तेजी से केंद्र पर पहुंचकर राशन लेने की जुगत लगाने में लगे हैं। इस भागदौड़ में कई लोग गिर पड़े और घायल हो गए। कई एक दूसरे के ऊपर चढ़ गये। दरअसल, घंटों से इंतजार करने के बाद लोगों के धर्य जवाब दे गया और लोगों ने गेट धकेलते हुए तोड़ दिया। बताया जाता है कि सर्वर काम नहीं कर रहा है। एक दो बार नहीं बल्कि छह-छह बार लोगों के फिंगरप्रिंट लिये जा रहे हैं। इसके बाद भी तकनीकी दिक्कतों से मैच नहीं कर रहा है।
सुलगते सवाल?
इस वीडियो को देखकर प्रशासनिक महकमें पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। बेकाबू भीड़ की वजह से भगदड़ मच सकती थी। कई लोगों की जान जा सकती थी। इस अव्यस्था के लिये कौन जिम्मेदारी लेगा? भीड़ के उन्माद से भगदड़ जैसी स्थिति बन सकती थी। गनीमत रही ऐसा नहीं हुआ और बड़ा हादसा टल गया। इस वीडियो से खाद्य विभाग की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।