मोबाइल चलाने से मना करनेपर की आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
बलरामपुर रामानुजगंज मोबाइल का लत किस प्रकार से बच्चों के बीच खतरनाक होते जा रहा है। आज तब देखने को मिला जब कक्षा नवमी में पढ़ने वाले मेधावी छात्र को उसकी बडी बहन ने मोबाइल देखने के दौरान मोबाइल देखने के लिए टोका एवं पढ़ने के लिए बोलने लगी। यह बात उसे इतनी नागवार गुजरी की उसने रूम बंद कर फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया घटना से स्वजन स्तब्ध है। घटना की सूचना पुलिस मौके पर पहुची।घटना पर मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अयोध्या सिंह जो झारखंड पुलिस में है इनका घर रामानुजगंज के वार्ड क्रमांक एक 100 बिस्तर अस्पताल के पीछे में स्थित है। यहां उनकी तीन बेटियां एवं एक बेटा रहकर पढ़ाई करते हैं आज सुबह सात बजे के करीब सुरभि जो कक्षा नवमी में पड़ती है वह मोबाइल देख रही थी। जिसे देखकर बड़ी बहन पूजा जो बीएससी सेकंड ईयर पड़ती है उसने मोबाइल न देख पढ़ने के लिए बोला यह बात उसे इतनी नगवार गुजरी की वह अपने रूम को बंद कर दी।
करीब पवन घण्टा के बाद रूम नहीं खुला तो। घर के लोगों के द्वारा रूम खुलवाने का प्रयास किया जाने लगा परंतु कोई अंदर से प्रतिक्रिया नहीं आई तो दरवाजा तोड़कर जब देखा तो सभी की आंखें खुली रह गई वह फांसी से लटक कर आत्महत्या कर ली थी। सुरभि पढ़ने में बहुत मेधावी छात्र रही है वह कक्षा आठवीं में 85% लाई थी उसके द्वारा इस प्रकार आत्महत्या कर लिए जाने से घर के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची शव का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया गया।