छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में चार कछुए पिछले चार सालों से वन विभाग की हिरासत में हैं। विभाग, स्थानीय अदालत के निर्देश पर कछुओं की मेहमान नवाजी कर रहा है। जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र के थानेदार राजेश साहू ने आज यहां बताया कि साल 2015 में पुलिस ने छह आरोपियों से चार कछुए बरामद किया थे। तब से यह मामला अदालत में है और कछुओं को वन विभाग को सौंप दिया गया है। अब वन विभाग इन कछुओं की देखरेख कर रहा है और अदालत के अगले आदेश का इंतजार कर रहा है।
उन्होंने बताया कि बसंतपुर थाने की पुलिस ने आरोपियों से कछुओं को बरामद किया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि आरोपी कछुए का उपयोग जादू टोने के लिए कर रहे थे। उनका मानना है कि कछुए सौभाग्य और धन प्राप्ती के लिए शुभ होते हैं।
साहू ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया था जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। जब अदालत में इस मामले का आरोप पत्र दाखिल किया गया तब कछुओं को भी वहां सबूत के तौर पर पेश किया गया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि तब अदालत के निर्देश के बाद कछुओं को वन विभाग को सौंप दिया गया और यह मामला अदालत में अब भी लंबित है।