छत्तीसगढ़ के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर राजनांदगांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री बनाए जाने, मंत्रिमंडल में बदलाव और अन्य मुद्दों पर मीडिया के सवालों का जवाब दिया।
छत्तीसगढ़ के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि, भाजपा वालों के मुंह में दांत नहीं है, इसलिए वह कुछ भी बोलते हैं। उनकी जुबान फिसल जाती है। वह अपने गिरेबान में झांककर देखें। अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय जो आदिवासी समाज के हैं, उनको विश्व आदिवासी दिवस के दिन ही पद से हटा दिया। क्या यह शोभा देता है? क्या आदिवासी समाज इसे सहन करेगा? कांग्रेस के मंत्रियों के प्रभार बदलने के मामले में पूछे गए सवाल पर मंत्री भगत जवाब दे रहे थे। वह एक दिवसीय दौरे पर राजनांदगांव पहुंचे थे।
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आदिवासी सीएम की मांग को लेकर अमरजीत भगत ने कहा कि प्रदेश के विकास करने के लिए मुख्यमंत्री का आदिवासी ही होना आवश्यक नहीं है। आपका दृष्टिकोण, आपका समर्पण, आप क्या कर रहे हैं? काम की समीक्षा होती है। मुख्यमंत्री भले आदिवासी नहीं है, लेकिन आदिवासियों का जो भी मुद्दा आया है, उतनी तत्परता और गंभीरता के साथ निराकरण किया है। पिछली सरकार में आप लोगों ने देखा है डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री थे, सबको सेंट्रलाइज करके रखा था। भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री बनने के बाद लगातार काम हुए हैं।
मंत्री भगत ने कहा कि, सरगुजा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रमन सिंह हुआ करते थे। हमारे भूपेश बघेल ने आदिवासी सीनियर नेता को अध्यक्ष बनाया है। प्रदेश सरकार लगातार आदिवासियों के हित में कार्य कर रही है। इससे पहले उन्होंने शहर के कमला कॉलेज चौक के पास स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का अनावरण किया। साथ ही शहर के सर्किट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ता पदाधिकारियों से मुलाकात की।