बालोद जिले के जुंगेरा रानीतराई गांव में पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा शिव महापुराण कथा का वाचन किया जा रहा था। पंचम एवं अंतिम दिन बालोद जिले के लगभग सात लाख भक्त शिव महापुराण कथा में शामिल हुए। पुलिस और प्रशासन के सहयोग से भक्तों की राह आसान हुई चाक चौबंद व्यवस्था के बीच आज पंचम दिवस शिव महापुराण कथा संपन्न हुई।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शब्दों से प्रेरणा देने वाला यहां हर कोई मिल जाएगा, पर अपने व्यवहारों और अपने आचरण से प्रेरणा देने की कोशिश करनी चाहिए। जो हम दूसरों को सिखाते हैं, वो स्वयं हमे ग्रहण करना चाहिए। पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रोताओं से कहा कि जो राम के आचरण को अपनाएगा वो राम कथा सुनाएगा, जो नारायण के कथा को स्वयं के ऊपर उतारे वो उनकी कथा कहेंगे, जो शिव तत्व को अपनाएंगे वो शिव महापुराण सुनाएंगे।
जब संत भगवान का भजन करे तो वह घर पर ध्यान नहीं दे पाता
पूज्य पंडित ने कहा कि गुरुदेव केवल रास्ता दिखाते हैं, मंजिल तक पहुंचाते हैं और जब कोई घर का बेटा विधायक, सांसद और मंत्री बने सचिव बने तो वो घर में समय नहीं दे पाता। उसका जीवन उन कामों में लग जाता है, ठीक वैसे ही साधु संत तपस्वी जब अपना जीवन शिव भक्ति में कृष्ण भक्ति में ईश्वर की भक्ति में लगा दे तो वह लोगों से दूर रहता है। क्योंकि अगर वह लोगों के बीच गया तो उसका ध्यान भक्ति में कैसे रहेगा, इसलिए उन्हें अकेला छोड़ देना चाहिए।
जो दावा करे दुख मिटाने का वो नकली है
उन्होंने लाखों भक्तों की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि जो असली हो वो आपके दुखों को मिटाने का दावा नहीं करेगा, वो आपके जीवन को समझाएगा कि इंसान का शरीर संसार में आया है तो दुख मिलेगा, लेकिन भगवान पर भरोसा रखना सब ठीक हो जायेगा।
शिव के पैर पढलो जीवन भर मिलेगी सत्ता
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि अभी चुनाव का समय है। नेता टिकट के लिए राजनेताओं के पैर पढ़ रहे हैं। एक बार भगवान शिव के चरणों में डूब जाओ जीवन भर का सत्ता और राजयोग मिल जाएगा। शिव की भक्ति से भगवान जिंदगी में चार चांद लगा देता है। भोले राजयोग से लेकर सब कुछ देगा। सत्ता केवल पांच वर्षों तक रहती है, लेकिन यहां शिव का राजयोग जीवन भर रहता है। पंडित जी ने कहा कि जब हम स्वयं बदलेंगे, तब हम औरों को बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया को बदल सकें या ना सकें लेकिन अपने आप को बदलना चाहिए।
चंद्रयान ने कहा यहां भी कंकर हैं, मतलब शंकर हैं। उन्होंने कहा संसार में जितने भी ग्रह हैं, हर जगह कंकर हैं, मतलब सर्वस्व शंकर हैं। उन्होंने कहा शिव जी तो हर जगह हैं और उनकी एक सबसे अच्छी बात है वो भक्तों का इंतजार करते हैं। हिमांचल की पुत्री भगवान शंकर से ब्याह करना चाहती थी, सभी ने समझाया कि उससे ब्याह मत करो और बहुत अच्छे-अच्छे वर मिलेंगे, लेकिन पार्वती जी ने इस कान से सुना और उधर से निकाला, तो पंडित जी ने कहा भगवान शिव से उनका चित्त जुड़ा हुआ था। ऐसे ही आप मंदिर जाएंगे तो आपको पूछने मना करने वाले लोग मिलेंगे पर आपको वही करना है जो आपका मन करे।