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CGPSC: इंजीनियरिंग में सफलता के बाद जिस कार्यालय में थे चपरासी,उसी ऑफिस में बन गए अधिकारी,जानें सफलता की कहानी

Fri, 06 Dec 2024 03:56 PM IST
अमन कोशले पीटीआई, रायपुर

सार

पहले युवक ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली। इसके बाद चपरासी की नौकरी की। अब छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग परीक्षा पास कर युवा उम्मीदवारों के लिए एक मिसाल कायम की है।
 
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छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग कार्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी रायपुर में सीजीपीएससी कार्यालय में पिछले सात महीनों से कार्यरत शैलेंद्र कुमार बांधे ने अपने पांचवें प्रयास में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा परीक्षा पास की और अब उन्हें सहायक आयुक्त (राज्य कर) के पद पर नियुक्त किया जाएगा। 29 वर्षीय बांधे ने सीजीपीएससी-2023 परीक्षा पास की, जिसके परिणाम पिछले सप्ताह घोषित किए गए थे, जिसमें सामान्य श्रेणी में 73वीं रैंक और आरक्षित श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त किया, उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया।

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उन्होंने पीटीआई को बताया कि इस साल मई में मुझे सीजीपीएससी कार्यालय में चपरासी के पद पर नियुक्त किया गया। फिर, मैंने इस साल फरवरी में आयोजित सीजीपीएससी-2023 की प्रारंभिक परीक्षा पास कर ली। मैंने मुख्य परीक्षा की तैयारी जारी रखी, क्योंकि मैं अधिकारी बनना चाहता था। अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले बांधे मूल रूप से बिलासपुर जिले के बिटकुली गांव के एक किसान परिवार से हैं। उनका परिवार अब रायपुर में बस गया है। उन्होंने रायपुर में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और फिर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर से बीटेक (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) की पढ़ाई की। 

एक प्रतिष्ठित संस्थान से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करने के बाद, बांधे को निजी क्षेत्र में अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी मिल सकती थी, लेकिन उन्होंने सरकारी कर्मचारी बनने की ख्वाहिश के चलते प्लेसमेंट इंटरव्यू में शामिल नहीं होने का फैसला किया। बांधे ने बताया कि उन्हें एनआईटी रायपुर में अपने एक सुपर सीनियर हिमाचल साहू से प्रेरणा मिली, जिन्होंने सीजीपीएससी-2015 परीक्षा में प्रथम रैंक हासिल की और सिविल सेवाओं की तैयारी शुरू कर दी।  पहले चार प्रयासों में वे अपने सपने को साकार नहीं कर पाए, लेकिन असफलताओं ने उन्हें निराश नहीं किया और उन्हें और भी अधिक मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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उन्होंने बताया कि मैं पहले प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा में असफल रहा और अगले प्रयास में मैं मुख्य परीक्षा पास नहीं कर सका। तीसरे और चौथे प्रयास में मैं साक्षात्कार के लिए योग्य हो गया, लेकिन सफल नहीं हो सका। आखिरकार, पांचवें प्रयास ने मुझे खुश कर दिया। उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक मदद करने के लिए चपरासी की नौकरी चुनी, लेकिन राज्य सिविल सेवाओं की तैयारी जारी रखी।

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