रबी की फसल के लिए पानी की मांग को लेकर किसानों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से नहर मरम्मत का हवाला देते हुए बम्हनीडीह–बिर्रा क्षेत्र में रबी की फसल के लिए पानी नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण 5000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में किसान अपनी खेती नहीं कर पा रहे हैं।
जांजगीर-चांपा जिले में जल उपयोगिता समिति की बैठक में निर्णय लिया गया है कि चांपा शाखा नहर के अंतर्गत आने वाले बम्हनीडीह–बिर्रा क्षेत्र के किसानों को रबी की फसल के लिए पानी नहीं दिया जाएगा। इस निर्णय के खिलाफ क्षेत्र के हजारों किसान पानी की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। 200 से 250 की संख्या में किसानों ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में अपर कलेक्टर एसपी वैध को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप कर पानी की मांग की है।
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जानकारी अनुसार, रबी की फसल के लिए पानी की मांग को लेकर किसानों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से नहर मरम्मत का हवाला देते हुए बम्हनीडीह–बिर्रा क्षेत्र में रबी की फसल के लिए पानी नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण 5000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में किसान अपनी खेती नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, जिले के अन्य क्षेत्रों में हर साल रबी फसल के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। किसानों को नहर से पानी नहीं मिलने के कारण गर्मी के दिनों में खाली होने पर अन्य राज्यों में काम के लिए जाना पड़ता है।
यदि समय में पानी दी जाए तो खेती किसानी कर के जीवन यापन कर सकते है। किसानों का कहना है कि फसल लगाने के लिए उन्हें पहले ही तैयारी करनी होती है, और केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। इस बार अगर पानी नहीं दी जाती है तो हजारों की संख्या में किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसके जिम्मेदार जिला प्रशासन और अधिकारी होंगे। इस पर अपर कलेक्टर एसपी वैद्य ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर पानी के इंतजाम के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया है।