राज्य में पिछले कई दिन से जारी आयकर विभाग के छापों को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा। उन्होंने इन छापों को राजनीति से प्रेरित करार दिया और कहा कि ये कार्रवाई सहकारी संघवाद की परिकल्पना का तिरस्कार है। उन्होंने पीएम से इस मामले में दखल देने को कहा है।
अपने पत्र में बघेल ने लिखा है कि यह दिलचस्प संयोग है कि जब राज्य सरकार ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ आपराधिक जांच की कार्रवाई शुरू की, ठीक उसी समय ये छापे डाले जा रहे हैं। आयकर विभाग 27 फरवरी से राज्य में विभिन्न सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के परिसरों पर छापे की कार्रवाई कर रही है। उन्होंने छापों में सीआरपीएफ के इस्तेमाल को दुर्भाग्यपूर्ण और असंवैधानिक करार दिया और कहा कि यह कानूनी नजरिए से भी सही नहीं है।
तीन पेज के पत्र की शुरुआत में उन्होंने पीएम का ध्यान सहकारी संघवाद की ओर दिलाया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की एजेंसियों की यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की है। साथ ही उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते मोदी के बयान की याद भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने संविधान में संघीय ढांचे का प्रावधान बहुत सोच समझकर किया है।
इसका जिक्र आपने मुख्यमंत्री रहते हुए बार-बार किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में न्याय और व्यवस्था का दायित्व राज्य सरकार का होता है। ऐसे में बिना राज्य सरकार की सहमति के केंद्रीय बल की तैनाती नहीं की जा सकती है। संघीय ढांचा सांविधानिक लोकतंत्र का मूल सिद्धांत है। अगर हम इसका पालन करने में असफल रहे तो अराजकता आ जाएगी। पत्र के अंत में उन्होंने लिखा कि सहकारी संघवाद की भावना को बरकरार रखते हुए प्रधानमंत्री से आवश्यक कदम उठाने की उम्मीद करता हूं।