छत्तीसगढ़ के उदयपुर वन परिक्षेत्र में 11 हाथियों का दल पिछले चार दिनों से आतंक मचा रहा है। हाथियों ने गुरुवार और शुक्रवार को दो दिनों में तीन गांव के 18 किसानों के 10 एकड़ से अधिक की धान की फसल को रौंद डाला और 3 किसानों के घर को तोड़ डाला है।
प्रभावित गांवों सहित आसपास के लोग जगराता कर अपने परिवार को सुरक्षित रखने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद वन विभाग की टीम भी अब हरकत में आ गई है और लोगों को हाथियों के रास्ते की सूचना लाउडस्पीकर से दे रही है। लोगों को हाथियों से दूर रहने व उन्हें नहीं छेड़ने की समझाइश दी जा रही है। सभी हाथी पिछले तीन दिनों से दावा के समीप नेशनल हाइवे से लगे जंगलों के बीच डटे हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक, 11 हाथियों का दल बुधवार को ग्राम खरसुरा से होते हुए जंगल के रास्ते से डोई, फुलचुहि, भंडारगांव, कोटमी होते हुए दावा जंगल पहुंचे हैं और तब से वहीं डटे हुए हैं। दिन भर जंगल मे रहने के बाद देर शाम व रात को जंगल से लगे आसपास के खेतों की धान की फसल को नुकसान पहुंचाने और घरों को निशाना बनाकर सुबह वापस जंगल में लौट जाते हैं।
हाथियों ने विगत दो दिनों में जिन लोगों के घरों को नुकसान पहुंचाया है, उनमें ग्राम दावा के रामशरण सिंह, कोटमी के श्रीपाल व सुखसाय शामिल हैं। वन विभाग की टीम अभी भी हाथियों की निगरानी में लगी हुई है।