कांकेर में तेज आंधी के चलते पेड़ टूटकर तार पर गिरे।
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छत्तीसगढ़ के कांकेर में शनिवार शाम आई तेज आंधी और बारिश से विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है। अंधड़ के चलते जिले में 249 बिजली के पोल सहित कई पेड़ और कच्चे मकान गिर गए हैं। इसके कारण 24 घंटे से भी ज्यादा समय से बिजली सप्लाई बाधित है। कई गांवों में ब्लैक आउट है। हालांकि शहरी क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था बहाल कर दी गई है। अन्य जगहों के लिए विभागीय कर्मचारी काम में जुटे हुए हैं। बेमौसम बारिश से कच्चे मकानों को काफी नुकसान हुआ है। वहीं सब्जी उत्पादकों की फसल चौपट हो गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान से छत्तीसगढ़ तक बनी द्रोणिका के कारण शनिवार शाम तेज आंधी के साथ बारिश हुई है। इस दौरान तेज हवा और गर्जना से बिजली तार टूट गए और पोल उखड़ कर गिर पड़े हैं। बिजली लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है। कांकेर विकास खंड अन्तर्गत शहर में दो और ग्रामीण क्षेत्रों में 13 विद्युत पोल टूटे हुए हैं। इसी प्रकार चारामा में 39, नरहरपुर में 34, कांकेर में 88, भानुप्रतापपुर संभाग में 100 और पखांजूर में 18 बिजली पोल टूटे हैं, जिन्हें बदला जा रहा है।
कार्यपालन अभियंता सतीश कुमार किण्डो ने बताया कि शहरी क्षेत्रों व उसके आसपास बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। शेष क्षेत्रों में इसके लिए तेज़ी से कार्य किए जा रहे हैं। 33 केवी मुसुरपुट्टा फीडर में 18 पिन इन्सुलेटर बदला गया है। पांच जगहों पर तार टूटे थे, जिन्हें जोड़ा गया। एक बड़ा पेड़ भी बिजली लाइन पर गिर गया था। इसके कारण पटौद और मुसुरपुट्टा सबस्टेशन से निकलने वाली सभी 11 केवी लाइन प्रभावित हुई है। बिजली तार कार्य को सुधारने, पोल को बदलने सहित अन्य काम किए जा रहे हैं।