राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय शनिवार को भिलाई के वेंकटेश्वर सिनेमा हॉल पहुंचीं। जहां सरोज पांडेय अपने समर्थकों और बच्चियों के साथ द केरल स्टोरी फिल्म देखी। फिल्म देखने के बाद राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने बताई कि केरल सहित पूरे देश में लव जिहाद के नाम पर भोली भाली हिंदू बच्चियों को किस तरह से फंसाया जाता है। इस फिल्म में उन सभी विषयों को बारीकी से दर्शाया गया है।
द केरल स्टोरी छत्तीसगढ़ की ही नहीं पूरे भारत की स्टोरी
राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी द केरल स्टोरी देखने की नसीहत दी है। साथ ही प्रदेश में इस फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने की मांग की है। ताकि छत्तीसगढ़ की जनता को मालूम हो सके कि लव जिहाद आखिर है क्या। उन्होंने कहा है सभी बच्चियों को अपने माता पिता के साथ इस फिल्म को जरूर देखनी चाहिए। सांसद सरोज पांडेय ने कहा है कि द केरल स्टोरी देश की उन भोली भाली बच्चियों की कहानी है, जिन्हे लव जिहाद के नाम पर फंस कर प्रताड़ित किया जाता है। और छत्तीसगढ़ तो लव जिहाद और धर्मांतरण के बारूद के ढेर पर बैठा है। जहां कभी भी विस्फोट हो सकता है। द केरल स्टोरी केवल केरल की नही है यह स्टोरी बंगाल, छत्तीसगढ़ की नहीं पूरे भारत की स्टोरी है। लेकिन मुख्यमंत्री इधर उधर की बात कह कर विषयो पर पर्दा डालते हैं।
सरोज पांडेय ने फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग की
भारतीय जनता पार्टी की सांसद डॉ. सरोज पांडेय ने 'द केरल स्टोरी' फिल्म को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की मांग की है। पांडेय ने कहा कि द केरल स्टोरी वास्तव में छत्तीसगढ़ की भी स्टोरी है, यह देशभर की स्टोरी है। भाजपा सांसद ने कहा कि द केरल स्टोरी भारतीय समाज की सभी बेटियों को जागरूक करने, उन्हें लव जिहाद जैसी साजिशों से सावधान करने और उन्हें आतंकवाद का टूल्स बना देने की साजिश के विरुद्ध भी जागरूक करेगी। छत्तीसगढ़ में इस फिल्म को प्रतिबंधित करने की चल रही चर्चाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इन चर्चाओं से स्पष्ट है कि कांग्रेस सामाजिक सद्भावना को नष्ट करने वाली आतंकी प्रवृत्ति के साथ खड़ी नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि ‘द केरला स्टोरी' आतंकवादियों की छद्म नीतियों की साजिशों का पर्दाफाश करने वाली फिल्म है।
भाजपा सांसद ने कहा कि देश की कांग्रेस सरकार यदि वास्तव में छत्तीसगढ़ की बेटियों की भला चाह रही है तो द केरल स्टोरी को छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित नहीं, बल्कि टैक्स फ्री करने की घोषणा करें। सवाल करते हुए कहा कि जब-जब आतंकवाद के खिलाफ समाज को जागरुक करने की कोशिश होती है। आतंकी साजिश को बेनकाब कर आतंकियों पर कार्रवाई की जाती है। तब-तब कांग्रेस के पेट में मरोड़ क्यों होने लगता है? आखिर क्यों कांग्रेस वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति में आतंकियों के सामने हर बार घुटने पर आ जाती है?