दुर्ग एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि 5 स्टार कंस्ट्रक्शन कंपनी के सुपरवाइजर आशीष असाटी ने भट्ठी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया कि भिलाई स्टील प्लांट के अंदर यूनिवर्सल रेल मिल में सिविल कंस्ट्रक्शन का काम देखता है। और वहां ढ़लाई के लिए 200 से अधिक सेंट्रिंग प्लेट रखी थीं। जिसमें से 39 सेंट्रिंग प्लेट को अज्ञात लोगों ने चोरी कर लिया।
मामले पर गंभीरता लेते हुए भिलाई भट्टी और क्राइम ब्रांच को संयुक्त टीम बनाकर आरोपियों की पतासाजी में जुट गई थी। पुलिस को जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि खुर्सीपार निवासी सागर गुप्ता और शेख शब्बीर नाम के आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुछताछ में बताया कि उन्होंने दो से तीन अगस्त के बीच रात अपने साथियों के साथ तुषार वर्मा, सुमित दास, उदय पाण्डेय, मो. राहीन, हिमांश प्रसाद, अभय बघेल और 3 अन्य नाबालिग साथियों के साथ मिलकर प्लांट में चोरी की बात को कबूला है।
आरोपियों ने बताया कि प्लांट में चोरी करने के लिए तेलहा नाला के अंदर से घुसा करते थे। इसके बाद यूनिवर्सल रेल मिल के पास रखे सेंट्रिंग प्लेट के ढेर में से 39 नग लोहे की सेंट्रिंग प्लेट को नाले के रास्ते पार कर दिया करते थे। कुछ लोहे की सेंट्रिंग को टाटा एस में लोडकर सुपेला के धनेश कबाड़ी के पास बेच दिया करते थे। कुछ चोरी के सेंट्रिंग प्लेट को अपने पास छीपाकर रखे हुए थे। पुलिस ने कबाड़ी धनेश रॉय को भी गिरफ्तार किया है।
एशिया के सबसे बड़ा भिलाई स्टील प्लांट है। जिनकी सुरक्षा सीआईएसएफ की जिम्मेदारी है। लेकिन सीआईएसएफ के सैकड़ों जवानों को ड्यूटी में दिन रात तैनात होते हैं। उसके बावजूद चोरी करने वाले गिरोह ने तैनात सीआईएसएफ जवानों के बीच से पूरी वारदात को अंजाम देते रहे। जिससे सीआईएसएफ के जवान की सुरक्षा पर कई सवाल उठा रहे हैं।