धमतरी जिले में पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जहां कई थानों की कमान जूनियर कर्मियों और हवलदारों को सौंपी गई है। अकला डोंगरी, खल्लारी और केरेगांव जैसे थानों में एएसआई व हवलदार प्रभारी हैं।
धमतरी जिले में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली इन दिनों बड़े सवालों के घेरे में है। जिले के कई थानों की कमान अनुभवी थाना प्रभारियों के बजाय जूनियर कर्मचारियों और यहां तक कि हवलदार के भरोसे सौंप दी गई है। यह स्थिति तब है, जब पुलिस लाइन में कई प्रशिक्षित टीआई (थाना प्रभारी स्तर के अधिकारी) मौजूद बताए जा रहे हैं।
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जिले में कुल 14 थाने, एक अजाक थाना और दो चौकियां संचालित हैं, लेकिन अकला डोंगरी, खल्लारी जैसे महत्वपूर्ण थानों की जिम्मेदारी एएसआई के कंधों पर है। सबसे चौंकाने वाला मामला केरेगांव थाना है, जहां सीधे तौर पर एक हवलदार को थाना प्रभारी बना दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस लाइन में तीन टीआई तैनात होने के बावजूद उन्हें फील्ड की जिम्मेदारी नहीं दी जा रही।
इस व्यवस्था ने न सिर्फ विभागीय अनुशासन पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। क्या वरिष्ठ अधिकारियों को अपने टीआई पर भरोसा नहीं है, या फिर इसके पीछे कोई अंदरूनी कारण छिपा है? आमजन यह जानना चाहता है कि कम अनुभव वाले कर्मचारियों के भरोसे थानों की कमान सौंपना आखिर कहां तक उचित है।