फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं पेश हो सका धमतरी निगम का बजट: सवालों का जवाब नहीं मिलने पर विपक्ष का हंगामा, सूटकेस लेकर बाहर चले गए मेयर

Tue, 11 Apr 2023 07:18 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धमतरी

सार

विपक्षी पार्षदों का आरोप है कि सत्तापक्ष ने उनके एक भी सवालों का जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि, सत्तापक्ष के पास बहुमत नहीं था, इसके लिए महापौर बजट पेश करने घबरा गए। वहीं मेयर का सदन छोड़कर चले जाने को लेकर सभापति की अवहेलना बताते हुए उन पर कार्रवाई की मांग की है। 
विज्ञापन
धमतरी नगर निगम की बैठक में हंगामा करते भाजपा पार्षद। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ के धमतरी नगर निगम का बजट मंगलवार के हंगामे की भेंट चढ़ गया। सामान्य सभा की बैठक के दौरान सवालों का जवाब नहीं मिलने पर विपक्ष ने हंगामा कर दिया। जबकि महापौर बजट से पहले अपनी बात रखना चाहते थे।

विज्ञापन


हंगामा इतना बढ़ा कि नाराज महापौर बजट का सूटकेस लेकर बाहर निकल गए। इसके बाद लौटे ही नहीं। इसके चलते बजट पेश ही नहीं हो सका। अब दोनों दल इसके लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। 

विज्ञापन


पक्ष और विपक्ष के पार्षद आपस में भिड़े
दरअसल मंगलवार को सामान्य सभा की बैठक थी। इसके बाद महापौर निगम का बजट पेश करना था। इस दौरान प्रश्नोत्तरी रखी गई। इसमें पार्षदों ने कुल 60 प्रश्न लगाए थे। इसके अलावा नौ एंजेडे भी रखे गए, जिन पर चर्चा होनी थी। शुरुआत में विपक्षी पार्षदों ने भवन अनुज्ञा संबंधित जांच करने की मांग की, लेकिन जवाब नहीं मिला। इस पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में पक्ष और विपक्ष के पार्षद आपस में भिड़ गए। 

अब 17 अप्रैल को पेश होगा बजट
मामला इतना ज्यादा बढ़ा कि दोनों दलों के पार्षद डायस तक पहुंच गए और तू-तू, मैं-मैं शुरू हो गई। विरोध के दौरान विपक्षी पार्षद वहीं धरना देने के लिए बैठ गए। इसके बाद नारेबाजी शुरू हो गई। हंगामा इतना बढ़ा कि महापौर सदन से नाराज होकर निकल गए। अपने साथ बजट सूटकेस भी ले गए। काफी देर तक जब महापौर नहीं लौटे तो सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। बहरहाल अब बजट 17 अप्रैल को पेश किया जाएगा। 
विज्ञापन




दोनों दलों ने एक-दूसरे पर लगाया आरोप
विपक्षी पार्षदों का आरोप है कि सत्तापक्ष ने उनके एक भी सवालों का जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि, सत्तापक्ष के पास बहुमत नहीं था, इसके लिए महापौर बजट पेश करने घबरा गए। वहीं मेयर का सदन छोड़कर चले जाने को लेकर सभापति की अवहेलना बताते हुए उन पर कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर सत्तापक्ष का कहना है कि पिछली दो बैठकों में भाजपाई पार्षद सदन से चले गए थे। उनके पास कोई मुददा नहीं है। विपक्षी पार्षद जवाब सुनने को तैयार नही हैं। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें