कबीरधाम में कलेक्टर ने कोविड नियंत्रण को लेकर बैठक ली।
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छत्तीसगढ़ में कोरोना की रफ्तार बढ़ती जा रही है। अब कबीरधाम जिले में करीब 14 माह बाद फिर से कोरोना की वापसी हुई है। पिछले एक सप्ताह में 30 संक्रमित मिले हैं। इसके बाद जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने सभी आश्रमों और छात्रावासों में सैंपल लेकर जांच के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मरीजों की खासतौर पर निगरानी रखने के लिए कहा गया है। उन्होंने उपचार के लिए जिले में उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा भी की और सतर्कता बरतन के निर्देश दिए।
इन अस्पतालों में उपचार की सुविधा
- शासकीय डेडिकेटेड कोविड अस्पताल, जिला अस्पताल, सुधादेवी आइसोलेशन, विकासखंड मुख्यालय सहसपुर लोहारा, बोडला, पंडरिया और पिपरिया सहित वनांचलक्षेत्र कुकदूर और झलमला में 279 विस्तर उपलब्ध है।
- शासकीय डेडिकेटड कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन युक्त बेड 98, जिला अस्पताल में 50, लोहारा में 10, बोडला में 10, पंडरिया में 10, कूकदूर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में 15 और झलमला में 14 इस तरह कुल 207 ऑक्सीजन बेड तैयार रखा गया है।
- जिले में गहन उपचार वेटिलेंटर 12 बेड, स्माल ऑक्सीजन बेड 182, जम्बो ऑक्सीजन सिलेंडर 366, आक्सीजन कांन्सेन्ट्रेटर 204, बच्चों के लिए आईसीईयू बेड 35 और बच्चों के लिए वेंटीलेटर बेड 3 उपलब्ध है।
कॉटेक्ट ट्रेसिंग के निर्देश
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने लोगों से कोविड 19 के नियमों का पालन करने कहा है। उन्होने कोविड जांच, कोंटेक्ट ट्रेसिंग, चिकित्सकीय सुविधाओं की उपलब्धता पर आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए है। पूर्व में हुए करोना के चार साइकिल के कारण हर्ड इम्यूनिटी और हाई ब्रिड इम्यूनिटी दोनों विकसित कर ली है। इससे करोना के सभी वेरिएंट के प्रति पर्याप्त प्रतिरोध क्षमता विकसित हुई है। इससे करोना की घातक क्षमता अब बहुत कम हो गई है, सर्तक होने की जरूरत है। हालांकि सीनियर सिटीजन, बल्ड प्रेशर व शुगर के मरीज, हार्ट, फेफड़े व किडनी के मरीज को खास सतर्क रहने की जरूरत है।