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छत्तीसगढ़: बहू की मां के साथ बना रहा था संबंध, महिला ने देखा तो कर दी ससुर की हत्या; कोर्ट ने सुनाई ये सजा

Thu, 21 Sep 2023 07:14 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही

सार

अपनी मां के साथ अवैध संबंध बनाते देख ससुर को मौत के घाट उतारने के बाद लाश को अरपा नदी में फेंक देने के जघन्य हत्याकांड में कोर्ट का फैसला आया है। कोर्ट ने पांच-पांच साल के सश्रम कारावास की सजा और पांच सौ रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है। 
 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अपनी मां के साथ अवैध संबंध बनाते हुए देखकर महिला ने अपने ससुर की हत्या कर दी थी और लाश को अरपा नदी में फेंक दिया था। इसी मामले में बुधवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया है। एडीजे कोर्ट चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए  पांच-पांच साल सश्रम कारावास की सजा और पांच सौ रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं, मुख्य महिला आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

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क्या है मामला?
पूरा मामला गौरेला थाना क्षेत्र के बनझोरखा गांव का है। एक अक्टूबर 2021 की रात को यहां रहने वाली महिला रामप्यारी उर्फ नान्ही भैना पत्नी गणेश भैना को उसके भाई ने बताया की मां घर में नहीं हैं। इसके बाद रामप्यारी टंगिया लेकर घर से निकली और कुछ दूरी पर जाकर देखा तो उसकी मां अमीता भैना और उसके ससुर चैनसिंह भैना दोनों शराब पिए हुए थे और अवैध संबंध बना रहे थे। रामप्यारी ने टंगिया से चैनसिंह भैना के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। जबकि उसकी मां वहां से भाग निकली।

बाद में रामप्यारी, उसकी मां अमीता, पिता कुंवर सिंह और नानी बिरसिया बाई ने मिलकर चैनसिंह की लाश को बोरी में भर लिया और उसके अरपा नदी में फेंक दिया। 6 अक्टूबर 2021 को जानवर चरा रहे कुछ लोगों ने लाश को देखा था और पुलिस को इसकी सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करते हुए जांच की और खुलासा करते हुए रामप्यारी, मां अमीता बाई, पिता कुंवर सिंह और नानी बिरसिया बाई को गिरफ्तार किया था।
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इस मामले में फैसला सुनाते हुये अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किरण थवाईत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत रामप्यारी बाई को आजीवन कारावास की सजा और 1,000 रूपये का अर्थदंड तथा धारा 201, 34 के तहत सभी चारों आरोपियों रामप्यारी बाई, अमीता बाई, कुंवर  सिंह और बिरसिया बाई को पांच - पांच साल के सश्रम कारावास की सजा और पांच सौ रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक पंकज नगाईच ने किया

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