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'नक्सली माटी के सपूत .....बच्चों की तरह होगा स्वागत'

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नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह नक्सलियों के खासे विरोधी माने जाते हैं, लेकिन उनके एक बयान ने नक्सलियों के साथ ही राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। रमन सिंह ने राज्य में आतंकवाद की धुरी बने नक्सलियों को माटी का सच्चा सपूत बताते हुए उन्हें भूला भटका बताया।
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रमन सिंह का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि यह झीरम घाटी हमले की दूसरी बरसी के पूर्व संध्या पर आया है। नक्सलियों के खात्मे के लिए सलवा जुडुम जैसा सशस्त्र संघर्ष शुरू करने वाले रमन सिंह के नक्सलियों के प्रति बदले नजरिए के कई मायने तलाशे जा रहे हैं।

रायपुर में एक पत्रकार वार्ता के दौरान रमन सिंह से जब लगातार कई नक्सलियों के समर्पण करने के संबंध में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि नक्सली हमारे ही अपने बच्चे और भाई हैं जिन्होंने मुख्यधारा से भटककर हथियार थाम लिए हैं।
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कहा, हथियार छोड़े तो करेंगे गले लगाकर स्वागत

अगर वो हथियार छोड़कर आते हैं तो उनका भी अपने बच्चों की तरह गले लगाकर स्वागत किया जाएगा। हम आज भी उन्हें अपना भाई मानते हैं। अगर वो हथियार छोड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं तो फिर हम उनके पुनर्वास के लिए भी प्रयास करेंगे।

वहीं नक्सलियों पर यह बयान आते ही कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री के बयान की निंदा करनी शुरू कर दी है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर नक्सलियों से निपटने में अक्षमता का आरोप लगाया। पूर्व में भी राज्य कांग्रेस के नेता रमन सिंह सरकार पर उनसे संबंधों के आरोप लगाते रहे हैं।

पिछले 13 सालों से छत्तीसगढ़ में रमन सिंह के नेतृत्व में भाजपा की ही सरकार है और इस दौरान नक्सलियों ने कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। राज्य में लगातार नक्सलियों की गतिविधियां बढ़ती ही जा रही हैं।
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नक्सलियों के प्रति रमन सिंह के रुख में लगातार आ रही नरमी

हालांकि रमन सिंह को अब तक नक्सलियों के खिलाफ उनके कड़े रुख के लिए ही जाना जाता था, पूर्व में वह नक्सल आतंकियों के लश्कर ए तोएबा जैसे खुंखार आतंकी संगठनों से मिलीभगत के आरोप भी लगा चुके हैं।

लेकिन पिछले कुछ समय से नक्सलियों के प्रति उनके रुख में बदलाव देखा जा रहा है। एक तरफ जहां राज्य में लगातार नक्सली गतिविधियों में इजाफा हुआ है वहीं रमन सिंह का रुख इनके प्रति नरम होता जा रहा है।

वहीं केन्द्र में भाजपा सरकार आने के बाद भी नक्सलियों के खिलाफ कोई खास कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि गृहमंत्री राजनाथ सिंह नक्सलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात तो करते हैं लेकिन अभी तक ऐसा होता नहीं दिखा है।
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