बलरामपुर रामानुजगंज नगर के होटल व्यवसायी का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला था। पुलिस अब मामले का खुलासा करने में नाकाम रही है। नगर के व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले के जल्द खुलासा करने की मांग की थी। वहीं, जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष के नेतृत्व में भी ज्ञापन सौंपा गया था। अब तक मामले का खुलासा नहीं होने से आक्रोशित शहर के व्यापारियों ने मंगलवार को नगर बंद का आह्वान किया था, जिससे नगर की सभी दुकानें बंद रहीं।
गौरतलब है कि नगर वार्ड क्रमांक 7 निवासी होटल व्यवसायी धर्मेंद्र केसरी (40) 5 फरवरी की शाम घर से निकले थे। देर रात घर वापस नहीं लौटे, जिसके बाद परिजनों ने खोजबीन शुरू कर दी थी। दूसरे दिन शाम तक घर नहीं आने पर बलरामपुर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया था। परिजन व पुलिस खोजबीन कर ही रही थी। इस बीच 6 फरवरी की रात 9 बजे के करीब सिंदूर नदी के पास किसी ने लाश को देखा जो अधजले स्थिति में थी। जब लोग वहां पहुंचे तो उसके धर्मेंद्र केसरी होने की पुष्टि हुई।
घटनास्थल पर पुलिस अधीक्षक डॉक्टर लाल उमेद सिंह एवं डाक स्क्वाड एवं एफएसएल की टीम भी पहुंची थी, जिन्होंने बारीकी से सभी पहलुओं की जांच की। मामले का खुलासा नहीं होने के बाद जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अशोक सिंह राजू ने पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंप था। वहीं, व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल कई बार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर मामले की खुलासे की गुहार लगा चुका था। अब तक मामले का खुलासा होने की नहीं स्थिति को देखते हुए आज व्यापारियों ने आज नगर बंद किया।
पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह ने कहा कि पुलिस टीम बारीकी से लगातार जांच कर रही है। अब तक जितनी भी जांच हुई है, उसमें किसी तरह का स्पष्ट ओपिनियन नहीं आया है, जिससे यह प्रमाणित हो कि हत्या की गई थी। शरीर में किसी प्रकार चोट, खरोच के निशान नहीं थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया कि जीते जी जला है मार के नहीं जलाया गया है। इन सब चीजों का एफएसएल रिपोर्ट में पुष्टि किया है। एफएसएल रिपोर्ट में दारु पीना फिर सल्फास की गोली खाना बताया गया है। अभी एक रिपोर्ट और आनी बाकी है, जो मेडिकल कॉलेज से आएगी। इसके बाद डिसाइड होगा कि मर्डर है या फिर आत्महत्या है।