ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि 13 अक्तूबर तक SECL प्रबंधन ने उनकी मांग पूरी नहीं की तो रलिया, हरदी बाजार, आमंगाव और आसपास के गांव के लोग फिर से जाम लगातार प्रदर्शन करेंगे।
छत्तीसगढ़ के कोरबा में नो पार्किंग में खड़े वाहनों को लेकर लोगों का गुस्सा भड़क गया। सड़क किनारे खड़े आड़े-तिरछे वाहनों के चलते लोगों को दिक्कतें हो रही थीं। इसके विरोध में महिलाएं डंडा लेकर सड़क पर उतर आई हैं और चक्का जाम कर दिया। इसके बाद वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब 11 घंटे तक सड़क पर हंगामा चलता रहा। ट्रकों के नहीं निकलने के कारण कोल परिवहन भी बाधित हो गया। इसके बाद पुलिस और अफसर मौके पर पहुंचे और महिलाओं को समझाकर जाम खुलवाया।
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सरपंच हादसे का शिकार होते बचीं तो भड़के लोग
दरअसल, ग्राम पंचायत आमगांव की महिला सरपंच ब्रिज कुंवर मंगलवार को छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में शामिल होकर गांव लौट रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेलर निकला और सड़क किनारे खड़े वाहन को ओवरटेक करने के दौरान सामने से आ रहे दूसरे वाहन से टकराते हुए बचा। इस दौरान महिला सरपंच बाल-बाल बच गईं। यह देख लोगों का गुस्सा भड़क गया और दोपहर करीब 12 बजे महिलाएं और अन्य लोग डंडा लेकर सड़क पर उतर गए। उन्होंने हरदी बाजार-कोरबा मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया।
लिखित आश्वासन के बाद माने ग्रामीण
थोड़ी ही देर में सड़क पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इस दौरान छोटे वाहनों को तो जाने दिया गया, लेकिन ट्रक-ट्रेलर जैसे वाहनों को रोक लिया गया। इसमें गेवरा खदान से कोयला लेकर जा रहे ट्रक भी फंस गए। इसके चलते खदान से कोल परिवहन रुक गया। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं मानने के लिए तैयार नहीं थी। रात करीब 12 बजे SECL के सिक्योरिटी इंचार्ज पहुंचे और सिस्टम सही करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद जाम खत्म किया गया।
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ग्रामीणों ने रखी मांग
दीपका बाई पास रोड पर वाहनों की आवाजाही के लिए दूसरी सड़क बनाई जाए।
ट्रांसपोर्टर सड़क पर गाड़ी खड़ी न करें
सड़क पर खड़े ऐसे वाहनों पर यातायात पुलिस कार्रवाई करे