छत्तीसगढ़ में बीते दो दिनों से अच्छी बारिश हो रही है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम तो कई जगहों में अति बारिश हो रही है। ऐसे में प्रदेश के कई नदी नाले उफान मार रहे हैं। नीचले भागों में जलभराव की स्थिति है। सड़कों पर पानी के बहाव से लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। कई लोग रूट बदलकर आना-जाना कर रहे हैं। आज भी प्रदेश के अधिकांश जगहों पर हल्की बारिश और कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। इसे लेकर मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है
प्रदेश के उत्तरी भागों में भारी बारिश होने की संभावना है। रायपुर शहर में बीते दिनों से भारी बारिश हो रही है। इससे शहर के कई जगहों में जलभराव की स्थिति है। ऐसे ही भांठागांव से महादेव घाट को जोड़ने वाले मार्ग में दो -तीन जगहों में भारी मात्रा में पानी भरा हुआ है। इससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। इन जगहों में दुर्घटना भी हो सकती है। कई लोग दुर्घटना के शिकार भी हो चुके हैं।
प्रदेश के सभी जिलों में पिछले 24 घंटे के दौरान रायगढ़ में 222.7, सूरजपुर में 157.6, मुंगेली में 145, बिलासपुर में 117.6, कोरबा में 116.4, कोरिया में 112.2, महासमुंद में 112, सरगुजा में 105.8, जांजगीर में 99.1, रायपुर में 97.6, जशपुर में 96.6, बलौदा बाजार में 92.5, बेमेतरा में 77, कबीरधाम में 68.7, राजनांदगांव में 67.6 और बलरामपुर में 64.6 मिमी. बारिश दर्ज की गई है।
इन जिलों में यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने आज कोरिया, सूरजपुर और पेंड्रा जिलों के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। बिलासपुर, मुंगेली और कोरबा जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें से कुछ जगहों पर मध्यम बारिश तो कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। प्रदेश के कई हिस्सों में गरज चमक के साथ हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है।। वहीं कई जगहों पर भारी से अति भारी बारिश होने के संभावना है।
गंगेटिक पश्चिम बंगाल के ऊपर गहरा अवदाब
गंगेटिक पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित एक गहरा अवदाब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 9 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगेटिक पश्चिम बंगाल और उससे लगे झारखंड के ऊपर पुरुलिया के निकट स्थित है। जमशेदपुर से उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा में 100 किलोमीटर दूर रांची से पूर्व दिशा में 100 किलोमीटर दूर स्थित है। इसके साथ ही पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए कमजोर होकर और अवदाब के रूप में अगले 12 घंटों में झारखंड को पार करने की संभावना है। वहीं अगले 24 घंटे में चिन्हित निम्न दाब के क्षेत्र के रूप में परिवर्तित होने की संभावना है। मानसून द्रोणिका का पश्चिम छोर हिमालय की तराई में और पूर्वी छोर गोरखपुर, गया, बंकुरा गहरा अवदाब के केंद्र से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक 1.3 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है।