अपने इष्ट देवता की पत्नी के निवास स्थल को बचाने के लिए दंतेवाड़ा के आदिवासी समुदाय के लोग सोमवार को लगातार चौथे दिन डटे रहे। छत्तीसगढ़ का दंतेवाड़ा जिला नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की गिनती में आता है। यहां के बैलाडीला पहाड़ी के ‘डिपाजिट नंबर 13’ में 10 एमटीपीए क्षमता के लौह अयस्क का भंडार है। आदिवासियों का आरोप है कि राष्ट्रीय खनिज विकास निगम ने यह डिपॉजिट अडानी समूह को सौंप दिया है, मगर उनका मानना है इस पहाड़ी में उनके इष्ट देवता प्राकृतिक गुरु नन्दराज की धर्मपत्नी पिटोरमेटा देवी विराजमान हैं।
इसी उत्खनन का विरोध करते हुए बैलाडीला पहाड़ी के करीब दो सौ गांव के आदिवासी पिछले चार दिन से अपने पारंपारिक वाद्ययंत्रों और तीर कमान के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं, और चौथे दिन भी उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखा। बता दें कि डिपाजिट 13 को छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम लिमिटेड एनसीएल के नाम से संयुक्त उद्यम कंपनी के तहत विकसित किया जा रहा है। एनसीएल के अधिकारियों के मुताबिक खुदाई और खदान के विकास का ठेका पिछले साल अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को दिया गया था। वर्तमान में साइट पर पहुंचने का मार्ग बनाने के लिए पेड़ काटने का काम चल रहा है।
क्षेत्र में ‘डिपाजिट 13’ में खनन गतिविधियों का विरोध कर रहे आदिवासी नेता मंगल कुंजाम ने कहा कि हम किसी भी कीमत पर हमारे पवित्र पहाड़ी पर खनन की अनुमति नहीं देंगे, जो हमारे देवता के रूप में पूजे जाते हैं। उन्होंने कहा कि खनन योजना के अनुसार, इस क्षेत्र में 25 हजार से अधिक पेड़ काट दिए जाएंगे और अब तक 10 हजार पेड़ काटे जा चुके हैं। इसका पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ेगा।
डिपाजिट 13 में दो बड़ी पहाड़ियाँ हैं, जिनमें से एक को नंदराज पर्वत के नाम से जाना जाता है। इस पर्वत का नाम आदिवासियों के प्रकृति देवता के नाम पर रखा गया है। वहीं दूसरी पहाड़ी में नंदराज की पत्नी का पिटोरमेटा देवी का मंदिर है। आदिवासी पिछले चार दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक अधिकारियों की तरफ से कोई आश्वासन नहीं मिला है।
आदिवासियों के इस आंदोलन को कांग्रेस के क्षेत्रीय नेताओं और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ (जे) के नेताओं का भी समर्थन मिल रहा है। इस बीच राज्य के वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि ‘डिपाजिट 13’ में पेड़ों की कटाई की अनुमति वर्तमान कांग्रेस की सरकार ने नहीं बल्कि पिछले वर्ष जनवरी माह में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने दी थी। इस मामले में कार्रवाई के सवाल पर अकबर ने कहा कि पहले पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।