छत्तीसगढ़ प्रदेश सीएचओ संघ के प्रदेश संगठन के आह्वान पर प्रदेश के 2500 संविदा सीएचओ कर्मचारियों ने नया रायपुर के तुता धरना स्थल पर अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रफ़ुल्ल कुमार ने कहा कि हम अपने अधिकारों की मांग के लिए जो भी कदम उठाना पड़ेगा। हम उसके लिए तैयार हैं, अन्य प्रदेशों में भारत सरकार के वित्तीय दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है। मगर हमारे राज्य के सीएचओ कर्मचारी इन लाभों से वंचित हैं, जिसका सरकार को जवाब देना चाहिए।
संगठन के आमन्त्रण पर छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ से अलोक मिश्रा और रविन्द्र तिवारी एवं आल इंडिया एसोसिएशन ऑफ़ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स के राष्ट्रीय प्रतिनिधियों में से सौरव सिंह, (राष्ट्रिय संगठन राज्य अध्यक्ष) एवं अंकिता वरवडे (राष्ट्रिय संयुक्त सचिव) द्वारा सी.एच.ओ. छत्तीसगढ़ संघ की मांगों को लेकर पूर्ण समर्थन किया गया। दोनों संघों के प्रतिनिधियों ने भरोशा दिलाया कि आपकी जायज मांगों के लिए सरकार से हमें जो भी लड़ाई लड़नी पड़े। हम आपके हर कदम पर साथ हैं।
स्वास्थ्य अधिकारी संघ की ये हैं मांगें
1. कर्मचारियों के नियमितिकरण होने तक समस्त कर्मचारियों को 62 वर्ष नौकरी की सुरक्षा मिले।
2. भारत सरकार के वित्तीय दिशानिर्देश के अनुसार प्रतिमाह 25000 रु. वेतन एव 15000 रु. कार्य आधारित वेतन का पालन हो।
3. कर्मचारियों को उनके गृह जिला में स्थानान्तरण के लिए सुविधा प्रदान की जाए।
4. मानव संसाधन निधि 2018 एवं कर्मचारी भविष्य निधि के नियमानुसार ईपीएफ का लाभ मिले।
5. जिले स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को उनके सम्बंधित अधिकारियों ने मानसिक एवं आर्थिक उत्पीडन करने के विरोध में सबूतों के साथ 6 माह पूर्व एमडीएनएचएम को ज्ञापन दिया गया था, जिस पर कार्यवाही की मांग की गई