छत्तीसगढ़ विधानसभा में पास हुआ आरक्षण संशोधन विधेयक फिलहाल अटक गया है। इसके अब भानुप्रतापपुर उपचुनाव के बाद ही लागू होने की संभावना है। राज्यपाल अनुसुइया उइके ने अभी इस विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं कर रहीं। उनका कहना है कि उनके कानूनी सलाहकार छुट्टी पर हैं। उनकी सलाह के बाद ही वे हस्ताक्षर कर सकेंगी। ऐसे में उपचुनाव में विधेयक का राजनीतिक फायदा भूपेश सरकार को मिल पाएगा या नहीं यह नतीजों के बाद ही पता चल सकेगा।
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राज्यपाल अनुसुइया उइके ने शनिवार को मीडिया से चर्चा करते हुए साफ कर दिया कि उनके कानूनी सलाहकार छुट्टी पर हैँ। वह शादी में गए हैं और शनिवार व रविवार को छुट्टी है। ऐसे में पांच दिसंबर को लौटेंगे। उसके बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा में पास आरक्षण बिल को उनके कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि, उसका अवलोकन करने के बाद ही कानूनी सलाहकार उनके सामने लाएंगे। उसके बाद ही हस्ताक्षर कर पाऊंगी। कहा कि इस बिल के लिए उन्होंने भी जोर दिया था।