फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बस्तर के इस उद्यान को मिली पहचान: विश्व धरोहर की सूची में शामिल हुआ छत्तीसगढ़ का पहला स्थल, जानें इसकी खासियत

Thu, 13 Mar 2025 02:07 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

 Kanger Valley National Park: छत्तीसगढ़ के बस्तरवासियों के लिये खुशखबरी है। यूनेस्को ने कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान को विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया है। 
विज्ञापन
1 of 8
विश्व धरोहर की सूची में शामिल हुआ छत्तीसगढ़ का पहला स्थल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
 Kanger Valley National Park: छत्तीसगढ़ के बस्तरवासियों के लिये खुशखबरी है। यूनेस्को ने कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान को विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान न केवल जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बल्कि यह स्थानीय जनजातीय संस्कृति और इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देता है।


 
विज्ञापन

2 of 8
उद्यान का प्रवेश द्वार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस सूची में शामिल होने से बस्तर क्षेत्र को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी एवं पर्यटन को और भी बढ़ावा मिलेगा । यह उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। 
विज्ञापन

3 of 8
आश्चर्यचकित कर देती हैं भूमिगार्भित गुफाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि ये छत्तीसगढ़ के लिये बड़ी उपलब्धि है। यह उद्यान तीन महत्वपूर्ण मापदंडों-प्राकृतिक सौंदर्य, भूवैज्ञानिक विशेषताएं और जैव विविधता पर खरा उतरता है।  

4 of 8
घाटी के अंदर नौकायन का आनंद लेते सैलानी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन की ओर से उद्यान को  यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार को प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था, जिसे यूनेस्को ने अपने अस्थाई सूची में चयन किया गया है। 
विज्ञापन

5 of 8
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपने मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों के लिये फेमस है। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कांगेर घाटी में प्राकृतिक सौंदर्य और अनूठी संरचनाएं
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपने मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों, हरी-भरी घाटियों, गहरी खाइयों और झरनों के लिए प्रसिद्ध है। तीरथगढ़ जलप्रपात, जो कांगेर नदी से निकलता है, 150 फीट की ऊंचाई से गिरता हुआ एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है। कांगेर नदी अपने स्वच्छ जल और अनूठी चट्टानी संरचनाओं के कारण महत्वपूर्ण पर्यटन  स्थल है। 
विज्ञापन

6 of 8
कांगेर नेशनल पार्क - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके अलावा, कोटमसर, कैलाश, दंडक और ऐसी १५ से अधिक गुफाएँ अपने अद्वितीय प्राकृतिक स्वरूप और ऐतिहासिक महत्व के कारण देश और विदेश के पर्यटकों और वैज्ञानिकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
विज्ञापन

7 of 8
यह उद्यान अपनी भूवैज्ञानिक विविधता के लिए प्रसिद्ध है। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

भूवैज्ञानिक विशेषताएं और जैव विविधता
यह उद्यान अपनी भूवैज्ञानिक विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहां की कार्स्ट संरचनाएं, चूना पत्थर की गुफाएं, जल संरचनाएं और चट्टानी परतें वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए अध्ययन का एक महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इस क्षेत्र में भूवैज्ञानिक परिवर्तन देखे जाते हैं।  चूना पत्थर की गुफाएं पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। जैवविविधता से भरपूर यह उद्यान में विभिन्न वनस्पति, वन्यजीव और विशेष प्रजाति के प्रजातीय पाए जाते है। 963 प्रकार की वनस्पतियां, जिनमें 120 फैमिली  और 574 प्रजातियां शामिल हैं। यहां दुर्लभ ऑर्किड की 30 प्रजातियां दर्ज की गई हैं। 49 स्तनपायी, 210 पक्षी, 37 सरीसृप, 16 उभयचर, 57 मछलियां और 141 तितली प्रजातियां है । बस्तर हिल मैना (छत्तीसगढ़ का राज्य पक्षी), ट्रैवणकोर वुल्फ स्नेक, ग्रीन पिट वाइपर, मोंटेन ट्रिंकेट स्नेक जैसी दुर्लभ प्रजातियां हैं । 
विज्ञापन

8 of 8
बस्तर क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बस्तर क्षेत्र में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को संरक्षित करता है। यहां गोंड और धुरवा जनजातियां रहती हैं, जो अपनी पारंपरिक रीति-रिवाजों, नृत्य, लोकगीतों और त्योहारों के लिए प्रसिद्ध हैं। इस क्षेत्र में स्थानीय आदिवासियों की ओर से हस्तशिल्प कला जैसे  बांस शिल्प कलाकृतियां विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें