छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन को तोड़ने वालों पर नकेल लगाने और पीपीई किट की खरीद को बढ़ाने के लिए प्रशासन ने एक नई तरकीब खोज निकाली है। दरअसल बलौदाबाजार जिले में लॉकडाउन को तोड़ने वाले लोगों से वसूली गई जुर्माना राशि को जिला प्रशासन पीपीई किट खरीदने और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए इस्तेमाल करेगी।
बलौदाबाजार जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि लॉकडाउन के नियमों को तोड़ने पर जिले के नगरीय निकायों, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और अन्य विभागों की तरफ से जुर्माना वसूला जा रहा है। ऐसे में जुर्माने से मिली राशि का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए राशि को जिले के सरकारी अस्पतालों का संचालन करने वाली जीवनदीप समिति में जमा किया जा रहा है।
बता दें कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का जीवनदीप समिति संचालन करती है। इस समिति की अध्यक्षता क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी करते हैं। वहीं,विकासखंड चिकित्सा अधिकारी इसके सचिव होते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि लॉकडाउन के बावजूद भी कुछ लोग इसका पालन नहीं कर रहे हैं वहीं, कुछ लोग बिना मास्क लगाए घूम रहे हैं। इन लोगों के खिलाफ प्रशासन की तरफ से जुर्माना वसूला जा रहा है। आमतौर पर जुर्माने की यह राशि संबंधित विभाग की तरफ से इस्तेमाल में लाई जाती है, लेकिन बलौदाबाजार कलक्टर कार्तिकेय गोयल ने इस राशि को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लगाने के लिए जीवनदीप समिति में देने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया महामारी के इस दौर में स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य कोरोना योद्धाओं में संक्रमण फैलने का खतरा अधिक होता है। ऐसे में उन्हें पीपीई किट, मास्क और अन्य संसाधन की जरूरत होती है, जिसको देखते हुए यह पहल की गई है।
गोयल ने कहा कि अब तक कई विभागों की तरफ से चालान काटने की कार्रवाई से तीन लाख रुपये की राशि वसूल की गई है। यह राशि सीधे जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित जीवन दीप समिति में जमा की जाएगी।