छत्तीसगढ़ के मख्यमंत्री भूपेश बघेल।
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को एक बार फिर बिना नाम लिए संघ और भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दो राष्ट्र के सिद्धांत को सावरकर ने प्रस्तावित किया, उसका समर्थन जिन्ना ने किया। विभाजनकारी तो ये लोग हैं। देश की आजादी में इनकी भूमिका क्या रही। 1925 में RSS बन गया था। ये अभी भी अंग्रेजों की आलोचना नहीं करते, गांधी की आलोचना करते हैं।
उन्होंने ‘अखंड भारत’ पर बार-बार दिए जा रहे बयानों को लेकर आरएसएस की आलोचना की। दरअसल, भाजपा ने रविवार को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया और विभाजन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। इस पर बघेल ने कहा कि सावरकर ने 1925 में विभाजन का बीज बोया था। यह सावरकर थे, जिन्होंने दो-राष्ट्र सिद्धांत दिया और 1937 में मोहम्मद अली जिन्ना ने इसका समर्थन किया।
बघेल ने कहा कि भाजपा विभाजनकारी हैं। उन्होंने देश की आजादी में क्या भूमिका निभाई? 1925 में आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) अस्तित्व में थे। उनके नेताओं के उस समय के बयान देखिए। बघेल ने दावा किया कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक ने वायसराय को पत्र लिखा था। वे नहीं चाहते थे कि अंग्रेज देश छोड़कर जाएं। आज भी वे अंग्रेजों की नहीं बल्कि महात्मा गांधी की आलोचना करते हैं।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि संघ के कार्यालय में लगा ‘हिंदू राष्ट्र’ का नक्शा पाकिस्तान, अफगानिस्तान और कुछ अन्य पड़ोसी देशों को 'अखंड भारत' के हिस्से के रूप में दिखाता है। उन्होंने सवाल किया कि एक तरफ उनके पास यह पुराना नक्शा है और कहते हैं कि पाकिस्तान को भारत में शामिल किया जाना चाहिए। दूसरी तरफ, वे मुसलमानों को पाकिस्तान जाने के लिए भी कहते रहते हैं।