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झलमला में कहा-देखने आया हूं, योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं
इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल झलमला गांव पहुंचे हुए थे। यहां उन्होंने कहा कि वे देखने आए हैं कि लोगों तक हमारी योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पर्यटन के विकास के लिए काम करें और स्थानीय युवाओं को पर्यटन रोजगार से जोड़ें। मुख्यमंत्री बघेल के साथ और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और वनमंत्री मोहम्मद अकबर भी मौजूद हैं।
रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के लिए 2 करोड़ रुपए
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके लिए सरकार ने सुपोषण अभियान की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए गौठान में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क शुरू किए जा रहे हैं। हर इंडस्ट्रियल पार्क में वर्किंग शेड, पहुंच मार्ग, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए 2 करोड़ रुपए दिए गए हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि ज्यादा से ज्यादा रीपा से लाभ लें। CM ने राजीव युवा मितान क्लब के बारे में जानकारी ली।
यह की घोषणाएं
- ग्राम झलमला में नया ग्राम पंचायत भवन बनाया जाएगा।
- ग्राम झलमला स्थित हाई स्कूल और कन्या आश्रम में बॉउंड्रीवाल निर्माण।
- ग्राम झलमला में मंदिर से लेकर आंगनबाड़ी भवन तक और टॉवर से लेकर हाई स्कूल भवन तक सीसी रोड निर्माण।
- ग्राम बोइरकछरा से गंडईखुर्द तक सड़क निर्माण।
- कवर्धा पोड़ी मुख्य मार्ग से ग्राम परसहा गाड़ाघाट तक सड़क निर्माण।
- कुसुमघटा से बोइर कछरा मार्ग में फोक नदी पर उच्चस्तरीय पुल का निर्माण।
- चिल्फी, रेंगाखार और पोड़ी में स्वामी आत्मानंद स्कूल खोलने की घोषणा।
जाति प्रमाणपत्र पर पंचायत सचिव, तहसीलदार तलब
मुख्यमंत्री ने लोगों से पूछा कि कितने लोगों का राशनकार्ड बना है, इस पर बड़ी संख्या में आम जनता ने हाथ उठाकर हां में जवाब दिया। फिर मुख्यमंत्री ने जाति प्रमाण पत्र को लेकर जानकारी ली। इस बीच एक हितग्राही ने बताया कि उसका जाति प्रमाण पत्र नहीं बना है, जिस पर मुख्यमंत्री ने पंचायत सचिव और तहसीलदार से जानकरी लेते हुए कार्यकम खत्म होने तक वस्तुस्थिति बताने कहा।
छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा के बाद शुरू हुआ भेंट-मुलाकात
कवर्धा दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री बघेल ने सबसे पहले पचराही के शिव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख सम्रद्धि की कामना की। इसके बाद झलमला गांव पहुंचने पर यहां आदिवासी नर्तक दल ने पारंपरिक लोकनृत्य के साथ उनका स्वागत किया। फिर छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा कर मुख्यमंत्री बघेल ने की भेंट-मुलाकात कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान ग्रामीणों ने खुमरी पहनाकर उनका स्वागत किया।