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Operation Rahul: सीएम बघेल बोले- राहुल के रेस्क्यू पर बननी चाहिए डॉक्यूमेंट्री, मेडिकल और शिक्षा का खर्च के वहन का वादा दोहराया

Thu, 16 Jun 2022 08:00 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर

सार

सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि राहुल के रेस्क्यू ऑपरेशन पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई जानी चाहिए ताकि रेस्क्यू टीम के इस अनुभव को प्रदेश और देश के लोग समझ सकें। यह फिल्म भविष्य में ऐसी होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए भी सीख बनेगी।
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भूपेश बघेल - फोटो : Social media
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने मंगलवार को कहा कि जांजगीर-चांपा जिले में बोरवेल में फंसे रहे 11 साल के राहुल साहू को निकालने के लिए चलाए गए ऑपरेशन पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ताकि लोगों को इसके लिए जागरुक किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हों। 

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बनाई जानी चाहिए डॉक्यूमेंट्री
उन्होंने ये बातें अपने आवास पर हुए एक सम्मान समारोह में कही। दरअसल, सीएम भूपेश बघेल ने इस ऑपरेशन में शामिल बचाव कर्मियों को सम्मानित करने के लिए अपने आवास पर एक कार्यक्रम आयोजित कराया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई जानी चाहिए ताकि रेस्क्यू टीम के इस अनुभव को प्रदेश और देश के लोग समझ सकें। यह फिल्म भविष्य में ऐसी होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए भी सीख बनेगी।

सरकार वहन करेगी शिक्षा और मेडिकल का खर्च
इस दौरान सीएम बघेल ने घोषणा करते हुए कहा कि बोरवेल में फंसे 11 साल के राहुल की शिक्षा और अस्पताल के खर्च को राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन में शामिल बचावकर्मियों को राज्योत्सव समारोह के दौरान दोबारा सम्मानित किया जाएगा।
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सीएम ने किया था ट्वीट
इससे पहले सीएम बघेल ने एक ट्वीट में लिखा था, 'हमारा बच्चा बहुत बहादुर है. उसके साथ गढ्ढे में 104 घंटे तक एक सांप और मेढक उसके साथी थे। आज पूरा छत्तीसगढ़ उत्सव मना रहा है, जल्द अस्पताल से पूरी तरह ठीक होकर लौटे, हम सब कामना करते हैं। इस ऑपरेशन में शामिल सभी टीम को पुनः बधाई एवं धन्यवाद।'

जांजगीर-चांपा जिले में बोरवेल में फंसे रहे 11 साल के राहुल साहू को 106 घंटे घंटे चले ऑपरेशन के बाद बाहर निकालने में सफलता मिली थी। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम उसे बाहर निकालने के लिए दिन-रात एक किए हुए थी। इस ऑपरेशन में चार आईएएस रैंक, दो आईपीएस रैंक के अधिकारी और सेना के जवान सहित 500 अफसर-कर्मचारी शामिल रहे।

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