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छत्तीसगढ़ : इस साल 95.38 फीसदी किसानों ने समर्थन मूल्य पर बेचा धान, तोड़ा रिकॉर्ड

Tue, 02 Feb 2021 09:20 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर

सार

  • छत्तीसगढ़ में पंजीकृत किसानों में से रिकार्ड 95.38 प्रतिशत किसानों ने समर्थन मूल्य पर बेचा धान 
  • धान बेचने वाले किसानों की संख्या, पंजीकृत रकबे, धान की खरीदी अब तक सबसे अधिक
  • इस साल 92 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उपार्जन, 20 वर्षाें में सबसे ज्यादा हुई धान खरीदी 
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भूपेश बघेल, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ - फोटो : AMAR UJALA
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छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में किसान हितैषी नीतियों और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की बेहतर व्यवस्था की वजह से पंजीकृत किसानों में से रिकॉर्ड 95.38 फीसदी किसानों ने धान बेचा है। धान बेचने वाले किसानों की संख्या इस साल सबसे ज्यादा रही। इस साल पंजीकृत किसानों में से 21,52,475 किसानों में से 20,53,483 किसानों ने अपना धान बेचा है।

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पिछले छह सालों में कितने किसानों ने बेचा धान

  • 2015-16 में 13,17,583 पंजीकृत किसानों में से 11,05,556 किसानों ने बेचा धान
  • 2016-17 में 14,51,088 पंजीकृत किसानों में से 13,27,944 किसानों ने बेचा धान
  • 2017-18 में 15,77,332 पंजीकृत किसानों में से 12,06,264 किसानों ने बेचा धान
  • 2018-19 में 16,96,765 पंजीकृत किसानों में से 15,71,414 किसानों ने बेचा धान
  • 2019-20 में 19,55,544 पंजीकृत किसानों में से 18,38,593 किसानों ने बेचा धान
  • 2020-21 में धान बेचने वाले किसानों की प्रतिशत 95.38 फीसद रहा, जो अब तक का सर्वाधिक है।

बता दें कि राज्य में विषम परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए। बारदानों की कमी को दूर करने कई वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से बारदानों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित की गई। किसानों को भुगतान निरंतर किया गया। कस्टम मीलिंग के साथ ही संग्रहण केंद्रों में धान का उठाव भी निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य में धान खरीदी का एक नया रिकार्ड बना है। राज्य में बीते दो सालों में खेती-किसानी के रकबे और किसानों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों के चलते धान की खेती के पंजीयन का रकबा 27 लाख हेक्टेयर से अधिक और पंजीकृत किसानों की संख्या 21 लाख 52 हजार तक जा पहुंची है। यह भी अपने-आप में एक रिकार्ड है। 

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पिछले छह सालों में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के लिए पंजीकृत रकबे और धान की मात्रा में बढ़ोतरी

  • 2015-16 में पंजीकृत रकबा 21,26,000 हेक्टेयर और 59 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
  • 2016-17 में पंजीकृत रकबा 23,42,000 हेक्टेयर और 69 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
  • 2017-18 में पंजीकृत रकबा 24,46,000 हेक्टेयर और 56 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
  • 2018-19 में पंजीकृत रकबा 25,60,000 हेक्टेयर और 80 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
  • 2019-20 में पंजीकृत रकबा 26,88,000 हेक्टेयर और 83 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी

कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ राज्य में समृद्ध हो रही खेती-किसानी के लिए यह एक सुखद भविष्य का संकेत है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सत्ता की बागडोर सम्हालते ही किसानों की कर्जमाफी, सिंचाई कर माफी का ऐतिहासिक फैसला लिया। इससे राज्य में खेती-किसानी को एक सम्बल मिला। लोग कृषि की ओर लौटने लगे।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की  कृषि आदान सहायता राशि मिलने से किसानों का उत्साह बढ़कर दोगुना हो गया। इस योजना के तहत राज्य के किसानों को 5,750 करोड़ रूपए की सीधी मदद दी जा रही है। तीन किश्तों की राशि किसानों के खातों में अंतरित भी कर दी गई है और चौथी भी किश्त की राशि मार्च तक अंतरित की जाएगी।

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